दिल्ली ब्लास्ट साजिश का मेगा प्लान फेल: 32 कारों में धमाकों की तैयारी…
10 नवंबर को दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने 32 कारों के जरिए राजधानी को दहलाने की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। अब तक 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे मिले सुराग देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
साजिश का बड़ा खुलासा
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सुरक्षा एजेंसियों को लगातार चौंकाने वाले तथ्य मिल रहे हैं। जांच टीमों ने बताया कि यह धमाका किसी एक स्थान तक सीमित रखने का प्लान नहीं था, बल्कि राजधानी के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों में एक साथ धमाके करने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए 32 कारों का नेटवर्क तैयार किया गया था, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर विस्फोटक सामग्री के साथ खड़ा किया जाना था।
8 आतंकियों की गिरफ्तारी, ‘प्लान डी’ हुआ डी-कोड
इस मामले में अब तक 8 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पूछताछ में उन्होंने ‘प्लान डी’ का खुलासा किया है, जिसमें बड़ी संख्या में वाहनों का इस्तेमाल कर शहर में दहशत फैलाने की रणनीति बनाई गई थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह प्लान कई महीनों से तैयार किया जा रहा था और इसके लिए फंडिंग विदेश से आने के संकेत भी मिले हैं। एजेंसियां अब इसके मास्टरमाइंड और सपोर्ट नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।
कारों की ट्रैकिंग से खुली परतें
जांच टीमों ने सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और हाईवे टोल डेटा के आधार पर उन 32 कारों की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल साजिश में किया जाना था। इनमें से कई गाड़ियां दूसरी जगहों से चोरी की गई थीं, जबकि कुछ फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर खरीदी गई थीं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि विस्फोटकों की सप्लाई दिल्ली सहित तीन राज्यों के जरिए होती रही थी।
सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ी
ब्लास्ट के बाद जिन जगहों पर कारें खड़ी मिलने की आशंका थी, वहां बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए। एनआईए, स्पेशल सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और एटीएस की टीमें लगातार रेड कर रही हैं। एजेंसियों को शक है कि साजिश में शामिल कुछ लोग अभी भी फरार हैं, जो भविष्य में किसी वारदात की कोशिश कर सकते थे।
जांच का फोकस मास्टरमाइंड पर
अथॉरिटीज अब इस बात पर फोकस कर रही हैं कि इतनी बड़ी साजिश को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे कौन-सा संगठन सक्रिय है। गिरफ्तार आतंकी जो जानकारी दे रहे हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि यह मॉड्यूल कई राज्यों में फैला हुआ था।