हुस्न का जाल, शराब का खेल: दानापुर रेल पुलिस ने पकड़ा ‘शराब तस्कर परियों’ का गैंग
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इस बार तस्करी का चेहरा बदला हुआ था—महिलाएं, साधारण लुक और बेखौफ सफर। लेकिन दानापुर रेल पुलिस की सतर्कता ने इस ‘हुस्न के जाल’ को तोड़ते हुए ट्रेनों के जरिए शराब तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
🚨 रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 14 तस्कर गिरफ्तार
दानापुर रेल पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 11 महिला तस्करों, एक कोच अटेंडेंट और दो पुरुष तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह दूसरे राज्यों से शराबबंदी वाले बिहार में विदेशी शराब की तस्करी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी ट्रेनों के जरिए शराब की खेप पटना और आसपास के जिलों तक पहुंचाने में सक्रिय थे।
👩🦰 ‘शराब तस्कर परियां’: शक से बचने का नया हथकंडा
जांच में सामने आया कि शराब माफिया जानबूझकर महिलाओं को आगे कर रहा था। साधारण कपड़े, मासूम चेहरा और सामान्य यात्री जैसा व्यवहार—इसी वजह से इन पर किसी को शक नहीं होता था।
महिलाओं को ‘शराब तस्कर परी’ बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से तस्करी आसानी से हो सके।
🍾 95 लीटर विदेशी शराब और नकदी बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से
- 95.01 लीटर विदेशी शराब
- 40 हजार रुपये नकद
- 6 स्मार्टफोन
- 5 की-पैड मोबाइल
बरामद किए हैं।
बरामद शराब अलग-अलग ब्रांड की थी, जिसे छोटे पैकेट्स में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
🚆 कैसे टूटा गिरोह का जाल?
यह कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक पटना अनंत कुमार राय के निर्देश पर की गई। दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में पाटलिपुत्र रेल थाना और विशेष छापेमारी दल ने मुगलसराय-दानापुर रेलखंड पर रात के समय चिन्हित ट्रेनों की सघन जांच की।
इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर इस पूरे गैंग को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
📂 पहले भी जा चुकी हैं जेल, पुराने नेटवर्क का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार 11 महिलाओं में से 7 पहले भी शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुकी हैं। इससे साफ है कि यह कोई नया गिरोह नहीं, बल्कि पहले से सक्रिय एक संगठित नेटवर्क है, जो लगातार कानून को चकमा दे रहा था।
⚖️ शराबबंदी के बीच बदलता तस्करी का पैटर्न
यह मामला दिखाता है कि शराब माफिया अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर नए चेहरों और नई रणनीतियों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, दानापुर रेल पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं होगा।
महिला तस्करों का इस्तेमाल भले ही नया तरीका हो, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे यह खेल ज्यादा दिन नहीं चल पाया।