CWC बैठक के बीच कांग्रेस मुख्यालय के बाहर दलित CM की मांग, कर्नाटक नेतृत्व पर बढ़ा दबाव
दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक के दौरान पार्टी के भीतर एक नया राजनीतिक संकेत देखने को मिला। जहां इंदिरा भवन के अंदर शीर्ष नेतृत्व रणनीतिक मुद्दों पर मंथन कर रहा था, वहीं बाहर कर्नाटक में दलित मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर अचानक प्रदर्शन शुरू हो गया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों को फिर चर्चा में ला दिया है।
🏛️ CWC बैठक: शीर्ष नेतृत्व एक साथ
कांग्रेस मुख्यालय AICC में चल रही CWC बैठक में पार्टी के प्रमुख चेहरे एक साथ नजर आए। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक में शामिल हुए। उनके साथ कई वरिष्ठ नेता और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे, जिससे बैठक का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।
✊ कांग्रेस दफ्तर के बाहर अचानक प्रदर्शन
CWC बैठक के समानांतर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारी पहुंचे। इन लोगों ने कर्नाटक में दलित नेतृत्व को आगे लाने की मांग करते हुए धरना दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पार्टी को सामाजिक संतुलन को मजबूत करने के लिए दलित मुख्यमंत्री बनाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
🪧 जी. परमेश्वर को CM बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के समर्थन में पोस्टर लहराए गए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए हाईकमान से हस्तक्षेप की अपील की। पोस्टरों में साफ लिखा था कि अब कर्नाटक में दलित मुख्यमंत्री का समय आ चुका है।
⏱️ बैठक के समय प्रदर्शन का राजनीतिक संकेत
गौर करने वाली बात यह रही कि यह विरोध ठीक उसी समय हुआ जब भीतर CWC की महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। इसे महज संयोग नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पार्टी नेतृत्व तक संदेश पहुंचाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
📋 किन मुद्दों पर हो रही है CWC में चर्चा
CWC बैठक में कई अहम राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में
- जीरामजी क़ानून के खिलाफ प्रस्तावित बड़े आंदोलन
- नेशनल हेराल्ड केस
- अरावली से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे
- आगामी चुनावी रणनीति
जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
👥 कांग्रेस शासित राज्यों के CM भी मौजूद
इस बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी खास मानी जा रही है।
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा शशि थरूर भी CWC बैठक में शामिल हुए हैं।
कर्नाटक में दलित मुख्यमंत्री की मांग का मुद्दा ऐसे समय पर उठना, जब पार्टी शीर्ष नेतृत्व एकजुट होकर रणनीतिक फैसले ले रहा है, कांग्रेस के अंदर उभरते सामाजिक और नेतृत्व संतुलन की ओर इशारा करता है। यह प्रदर्शन न केवल कर्नाटक की राजनीति से जुड़ा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले समय में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर दबाव बढ़ सकता है।