CPI डेटा: जनवरी में महंगाई में मिली राहत, सब्जियों और दालों के दाम घटे
भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई जनवरी 2026 में 2.75% दर्ज की गई। यह नया आंकड़ा आधार वर्ष 2024 पर आधारित है और पिछले साल की इसी अवधि से तुलना में तैयार किया गया। खाद्य महंगाई इस महीने 2.13% रही। आलू, प्याज, लहसुन और अरहर, तूर जैसी दालों के दाम घटने से रसोई का खर्च कम हुआ। हालांकि, टमाटर के दाम बढ़े। आवास महंगाई 2.05% दर्ज की गई।
महंगाई में आधार वर्ष बदलाव का असर
जनवरी 2026 के CPI आंकड़े अब नए आधार वर्ष 2024 पर आधारित हैं, जो 2023-24 के घरेलू खपत व्यय सर्वेक्षण पर तैयार किया गया। सरकार के अनुसार, नया डेटा महंगाई माप को अधिक सटीक बनाएगा और नीति निर्माताओं, बैंकों और कारोबारियों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा। पुराने आधार वर्ष 2012 के मुकाबले यह अधिक व्यापक और यथार्थवादी गणना है।
सोने और चांदी के आभूषण महंगे
नए आंकड़ों में देखा गया कि चांदी के आभूषणों की महंगाई 159.67% और सोने के आभूषणों की 46.77% बढ़ गई। नए आधार वर्ष में ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया/स्ट्रीमिंग सेवाएं, वैल्यू एडेड डेयरी उत्पाद, जौ, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, अटेंडेंट/बेबीसिटर सेवाएं और व्यायाम उपकरण शामिल किए गए हैं। वहीं पुराने आइटम जैसे वीसीआर/वीसीडी/डीवीडी प्लेयर, रेडियो, सेकेंड-हैंड कपड़े और सीडी/डीवीडी हटा दिए गए हैं।
खाद्य पदार्थों की महंगाई में गिरावट आम घरेलू बजट के लिए राहत भरी है, खासकर सब्जियों और दालों के दाम घटने से। हालांकि, सोने और चांदी के आभूषण महंगे होने से निवेश और गहनों पर खर्च बढ़ सकता है। नया आधार वर्ष महंगाई की तस्वीर को अधिक यथार्थवादी बनाता है और इससे नीति निर्माताओं को मुद्रास्फीति नियंत्रण में मदद मिलेगी।