राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ के टाइटल पर विवाद, प्रोजेक्ट की राह में नई बाधा…
“टाइटल विवाद ने बढ़ाई बड़ी फिल्म की चिंता”
एस.एस. राजामौली, महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा जैसे सुपरस्टार्स से सजी फिल्म ‘वाराणसी’ अभी शुरू भी नहीं हुई, लेकिन इससे पहले ही इसका टाइटल कानूनी पचड़े में फंस गया है। फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रोड्यूसर ने दावा किया है कि ‘Varanasi’ शीर्षक पहले से उनके पास रजिस्टर्ड है। यह विवाद अब फिल्म की आगे की प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।
“फिल्म ‘वाराणसी’ का टाइटल बना बड़ा विवाद”
फिल्म ‘Varanasi’ का टाइटल विवाद तब सामने आया जब यह जानकारी सामने आई कि यह नाम पहले से ही राम ब्रह्म हनुमा क्रिएशंस के निर्माता सी.एच. सुब्बा रेड्डी के नाम पर रजिस्टर्ड है। उन्होंने दावा किया है कि यह टाइटल आधिकारिक रूप से उनकी प्रोडक्शन कंपनी के पास है और बिना अनुमति कोई इसका उपयोग नहीं कर सकता।
“राजामौली की बिग बजट फिल्म पर संकट के बादल”
राजामौली पहली बार महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा को साथ लेकर आ रहे हैं। इसमें पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिका में हैं। लेकिन अब टाइटल विवाद के चलते फिल्म की घोषणा, प्रमोशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर रोक की आशंका बढ़ गई है। ऐसे मामलों में अक्सर निर्माता को टाइटल बदलना पड़ता है या फिर अधिकार खरीदने पड़ते हैं।
“सुब्बा रेड्डी का दावा—‘Varanasi’ टाइटल मेरा, कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी”
सुब्बा रेड्डी ने साफ कहा है कि उनकी कंपनी ने यह टाइटल पहले ही फिल्म चैंबर से रजिस्टर कराया था। उनका कहना है कि अगर बिना अनुमति टाइटल का उपयोग किया गया, तो वे कानूनी कार्रवाई भी कर सकते हैं। वे जल्द ही आधिकारिक स्पष्टीकरण और नोटिस भेजने की तैयारी में हैं।
“निर्माताओं के आगे दो रास्ते—समझौता या नया टाइटल”
फिल्म इंडस्ट्री में टाइटल विवाद आम हैं और अधिकतर मामलों में निर्माता टाइटल के लिए बातचीत कर समझौते पर पहुंचते हैं। यदि यह संभव न हो, तो उन्हें नया टाइटल चुनना पड़ता है। अब राजामौली की टीम भी इसी दोराहे पर खड़ी दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टाइटल राजामौली की कहानी से सीधे जुड़ा है, तो टीम समझौते की कोशिश करेगी।
“फैंस में बढ़ी उत्सुकता, पर विवाद ने बढ़ाई बेचैनी”
महेश बाबू के प्रशंसक इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं क्योंकि यह उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बताई जा रही है। वहीं प्रियंका चोपड़ा की साउथ सिनेमा में वापसी की खबर ने भी फिल्म को चर्चा में ला दिया है। लेकिन टाइटल विवाद ने फैंस को असमंजस में डाल दिया है कि आखिर फिल्म किस नाम से रिलीज होगी।
टाइटल विवाद फिल्मों की ब्रांडिंग पर बड़ा असर”
टाइटल किसी भी फिल्म की पहचान होता है। ऐसी बड़ी फिल्मों के लिए टाइटल विवाद न केवल प्रचार-प्रसार की रणनीति को प्रभावित करता है, बल्कि कानूनी जटिलताओं से प्रोजेक्ट की टाइमलाइन भी बिगड़ सकती है। राजामौली जैसी विज़नरी टीम निश्चित रूप से प्रोजेक्ट को सुरक्षित रखने के लिए जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश करेगी।