बिहार चुनावी हार पर कांग्रेस का बड़ा मंथन—रणनीति, नेतृत्व और गठबंधन समीकरणों पर गहराई से उठ रहे सवाल…
बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने के बाद कांग्रेस अब आत्ममंथन मोड में है। इसी सिलसिले में शनिवार को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने नतीजों की समीक्षा की और रणनीतिक चूकों को समझने की कोशिश की। चर्चा के केंद्र में यह सवाल रहा—कहां गलती हुई और आगे क्या सुधार किए जाएँ?
बिहार चुनाव हार पर कांग्रेस का मंथन: राहुल गांधी ने खरगे से की लंबी समीक्षा बैठक, रणनीतिक कमियों पर चर्चा तेज
नेतृत्व बैठक | राहुल गांधी ने लिया फीडबैक
बिहार के चुनावी नतीजों की समीक्षा के लिए राहुल गांधी शनिवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले। दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत हुई जिसमें कई स्तरों पर हुई गलतियों और संगठन की स्थिति पर चर्चा केंद्रित रही।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी | वेणुगोपाल, माकन और प्रभारी भी शामिल
इस अहम बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन और बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने स्तर पर चुनाव के दौरान सामने आए अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया।
समीक्षा का फोकस | हार के कारणों की पड़ताल
बैठक में यह स्पष्ट कहा गया कि पार्टी को इकाई स्तर से चुनावी बूथ तक की वास्तविक स्थिति का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। नेताओं ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में संगठन का समन्वय कमजोर रहा, जिससे अभियान को नुकसान उठाना पड़ा।
आगे की रणनीति | संगठन पुनर्गठन की जरूरत पर जोर
चर्चा का एक बड़ा हिस्सा आने वाले महीनों में पार्टी की रणनीति और ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। यह तय किया गया कि बिहार में जमीनी स्तर पर संगठन पुनर्गठन और नेतृत्व में बदलाव जैसे कदमों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।