कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप, सरकारी कर्मचारी ने निर्वस्त्र होकर किया विरोध, पुलिस ने लिया हिरासत में….
राजस्थान के खैरथल जिले में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक सरकारी कर्मचारी ने अचानक निर्वस्त्र होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह असामान्य घटना देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और आमजन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
कलेक्टर कार्यालय परिसर में अचानक बदला माहौल
दोपहर के समय कलेक्टर कार्यालय में सामान्य प्रशासनिक कामकाज चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने अचानक अपने कपड़े उतार दिए और परिसर में बैठकर धरना देने लगा। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कर्मचारी ने खुद को बताया जितेंद्र शर्मा
निर्वस्त्र होकर धरने पर बैठे व्यक्ति ने मीडिया से बातचीत में अपनी पहचान जितेंद्र शर्मा के रूप में बताई। उन्होंने कहा कि वे एक सरकारी कर्मचारी हैं और उनका यह कदम किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह उनका व्यक्तिगत प्रायश्चित है।
“गलतियों का प्रायश्चित करने आया हूं”—कर्मचारी का दावा
जितेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कुछ गलत फैसले लिए हैं और भविष्य में दोबारा ऐसी गलतियां न हों, इसके लिए वे यह प्रतीकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह कदम आत्मशुद्धि और आत्मग्लानि से जुड़ा हुआ है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सूचना मिलने पर पुलिस दल तुरंत कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। अधिकारियों ने स्थिति को शांत किया और कर्मचारी को समझाइश के बाद हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अशांति फैलाने और न्यूसेंस की धाराओं में कार्रवाई शुरू की।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने दी घटना की जानकारी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल सिंह जाट ने बताया कि संबंधित कर्मचारी की वर्तमान ड्यूटी किशनगढ़-बास क्षेत्र में है। इसके बावजूद वे बिना किसी सूचना के कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचे और यह कृत्य किया, जो नियमों के विपरीत है।
नियमानुसार होगी कार्रवाई, जांच जारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे घटनाक्रम की कानूनी और विभागीय जांच की जा रही है। नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।