चीन का बड़ा एक्शन: मिंग के बाद बाई फैमिली के 4 सदस्यों को फांसी
सीमा पार साइबर अपराध पर बीजिंग की जीरो टॉलरेंस
चीन ने सीमा पार टेलीकॉम और ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए म्यांमार आधारित एक बड़े स्कैम सिंडिकेट के चार प्रमुख सदस्यों को फांसी दे दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले “मिंग फैमिली” से जुड़े अपराधियों को भी मौत की सजा दी गई थी। बीजिंग साफ कर चुका है कि इंटरनेट फ्रॉड और संगठित अपराध पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
म्यांमार से संचालित हो रहा था अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड नेटवर्क
अदालत के मुताबिक, ये अपराधी “बाई फैमिली क्रिमिनल ग्रुप” से जुड़े थे, जो म्यांमार के उत्तरी कोकांग क्षेत्र में बैठकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी चला रहे थे। यह इलाका लंबे समय से कानून व्यवस्था की कमजोरी और सशस्त्र समूहों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है, जहां ऐसे गिरोह फलते-फूलते रहे हैं।
फर्जी प्रेम जाल और क्रिप्टो निवेश से ठगी
यह गिरोह इंटरनेट यूजर्स को फर्जी प्रेम संबंधों में फंसाकर और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर ठगी करता था। शुरुआत में इनका निशाना चीनी भाषा बोलने वाले लोग थे, लेकिन बाद में इन्होंने कई भाषाओं में अपना नेटवर्क फैलाकर दुनिया भर के लोगों से अरबों डॉलर की ठगी की।
हजारों विदेशी वर्कर्स से कराया गया अपराध
जांच में सामने आया कि स्कैम को अंजाम देने के लिए गिरोह ने हजारों विदेशी वर्कर्स का इस्तेमाल किया। कुछ लोग स्वेच्छा से जुड़े, जबकि कई को मानव तस्करी के जरिए जबरन इन फ्रॉड सेंटर्स में लाया गया। बीजिंग ने हाल के वर्षों में विदेशी सरकारों के साथ मिलकर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की है।
हत्या, अपहरण से लेकर ड्रग तस्करी तक के आरोप
शेन्ज़ेन की मध्यवर्ती जन अदालत ने बताया कि फांसी पाए चारों दोषियों पर धोखाधड़ी के साथ-साथ जानबूझकर हत्या, गंभीर चोट पहुंचाना, अपहरण, जबरन वसूली और जबरन वेश्यावृत्ति जैसे गंभीर अपराध साबित हुए। अदालत के अनुसार, गिरोह का एक सदस्य बाई यिंगकैंग लगभग 11 टन मेथम्फेटामाइन के निर्माण और बिक्री में भी शामिल था।
छह चीनी नागरिकों की मौत का जिम्मेदार था गिरोह
अदालत ने कहा कि कोकांग क्षेत्र में चलाए जा रहे इन ठिकानों के कारण छह चीनी नागरिकों की मौत हुई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इन्हीं मामलों में नवंबर में पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी।
सरगना की बीमारी से मौत
मौत की सजा पाए पांचवें आरोपी बाई सुओचेंग—जिसे गिरोह का मुख्य सरगना माना जा रहा था—की नवंबर में दिए गए फैसले के बाद बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद शेष चार दोषियों की सजा को हाल ही में अमल में लाया गया।
क्यों अहम है चीन की यह कार्रवाई
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि चीन सीमा पार साइबर अपराध और संगठित फ्रॉड के खिलाफ कड़ा संदेश देना चाहता है। म्यांमार और कंबोडिया जैसे इलाकों में पनप रहे स्कैम नेटवर्क न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि मानवाधिकार उल्लंघन और संगठित अपराध को भी बढ़ावा दे रहे हैं। बीजिंग की यह सख्ती आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे गिरोहों पर दबाव बढ़ा सकती है।