चक्रव्यूह टूटा, इतिहास बदला: अभिमन्यु सिंह चौहान बने अलवर बार एसोसिएशन अध्यक्ष
बदलाव की बिसात पर नई जीत
अलवर जिला न्यायालय परिसर में हुए बार एसोसिएशन चुनावों ने इस बार सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल दिया। वर्षों से जमे दिग्गज नेतृत्व को पीछे छोड़ते हुए युवा भरोसे और बदलाव की लहर पर सवार अभिमन्यु सिंह चौहान ने अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की। यह जीत सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि बार में नई सोच और नई दिशा की जीत मानी जा रही है।
अध्यक्ष पद पर बड़ा उलटफेर
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष पद पर अभिमन्यु सिंह चौहान ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी और सात बार के अध्यक्ष रह चुके राकेश कुमार शर्मा उर्फ बिट्टू को 112 मतों के अंतर से पराजित किया। अभिमन्यु को कुल 726 वोट मिले, जबकि राकेश शर्मा को 614 वोट प्राप्त हुए। तीसरे प्रत्याशी अजय यादव को 184 मत मिले। यह परिणाम बार के चुनावी इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
पुराने दिग्गज पर नए चेहरे की जीत
राकेश शर्मा बिट्टू अब तक सात बार अध्यक्ष रह चुके थे और यह उनका 11वां चुनावी प्रयास था। लगातार एक ही चेहरे के नेतृत्व से उपजी असहजता और बदलाव की मांग ने इस बार निर्णायक भूमिका निभाई। वकीलों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब बार नई सोच और नई ऊर्जा चाहता है।
युवाओं ने बदला चुनाव का रुख
अभिमन्यु सिंह चौहान की जीत के पीछे युवा अधिवक्ताओं का मजबूत समर्थन सबसे बड़ी वजह बना। पिछले चुनाव में 304 वोटों से हार के बाद अभिमन्यु ने जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाई। युवा वकीलों के लिए खेल प्रतियोगिताएं, संवाद कार्यक्रम और पेशेवर प्रशिक्षण से जुड़े वादों ने उन्हें नई पीढ़ी का पसंदीदा उम्मीदवार बना दिया।
सुविधाओं के मुद्दे ने दिलाई बढ़त
चुनाव प्रचार के दौरान अभिमन्यु ने कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चैंबर व्यवस्था, प्रशिक्षण कार्यक्रम, और सेमिनार आयोजित कराने को प्रमुख मुद्दा बनाया। नए कोर्ट भवन में चैंबर की कमी लंबे समय से वकीलों की बड़ी समस्या रही है, जिसे लेकर उनका स्पष्ट विजन मतदाताओं को प्रभावित करने में सफल रहा।
अन्य पदों पर भी कड़ा मुकाबला
उपाध्यक्ष पद पर सुधीर कुमार यादव ने 20 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी रामलखन को 372 वोट मिले।
सचिव पद पर रामकिशन ने 283 मतों के अंतर से विजय हासिल की, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जितेंद्र कुमार शर्मा को 475 वोट मिले।
संयुक्त सचिव पद पर जयश्री चौधरी 111 वोटों से विजयी रहीं और पुस्तकालय सचिव पद पर सीमा मुखीजा ने 101 मतों से जीत दर्ज की।
अनुभव और सरल व्यवहार बना जीत का आधार
करीब दो दशकों से वकालत कर रहे अभिमन्यु सिंह चौहान ने अपने सरल व्यवहार, संवादशीलता और निरंतर सक्रियता से अधिवक्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई। यही भरोसा इस बार जीत में तब्दील हुआ।
बार में नई शुरुआत का संकेत
अलवर बार एसोसिएशन चुनाव का यह परिणाम साफ संकेत देता है कि अधिवक्ता समुदाय अब केवल अनुभव नहीं, बल्कि दृष्टि, समर्पण और भविष्य की योजना को प्राथमिकता दे रहा है। अभिमन्यु सिंह चौहान की जीत को बार में बदलाव और नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।