‘इज्जत बचाने को पति का घर छोड़ा’—सेलिना जेटली की दर्दभरी आपबीती, पड़ोसियों की मदद से लौटीं भारत
अभिनेत्री सेलिना जेटली ने अपनी निजी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर को सार्वजनिक करते हुए बताया है कि कैसे उन्हें दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न से बचने के लिए ऑस्ट्रिया में पति का घर छोड़ना पड़ा। सेलिना के मुताबिक, 15वीं वेडिंग एनिवर्सरी पर उन्हें तलाक का नोटिस मिला, और हालात ऐसे बने कि वह रात 1 बजे पड़ोसियों की मदद से देश छोड़कर भारत लौटीं। उनकी यह कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों को झकझोर रही है।
एनिवर्सरी पर मिला तलाक का नोटिस
सेलिना ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में खुलासा किया कि 2025 में उनके पति ने शादी की 15वीं सालगिरह पर उन्हें तलाक का नोटिस भेजा। इसके बाद उन्होंने कई बार आपसी सहमति से अलग होने की कोशिश की और हर कदम पर बच्चों की भलाई को प्राथमिकता दी। लेकिन, उनके अनुसार, जवाब में ऐसी शर्तें रखी गईं जिनसे उनकी आज़ादी और सम्मान पर आंच आती थी।
‘इज्जत और बच्चों की सुरक्षा के लिए देश छोड़ा’
सेलिना ने लिखा कि 11 अक्टूबर 2025 की रात उन्होंने दुर्व्यवहार और उत्पीड़न से बचने के लिए ऑस्ट्रिया छोड़ने का फैसला किया। इस निर्णय की सबसे बड़ी कीमत उन्हें यह चुकानी पड़ी कि वे अपने तीन बच्चों से अलग हो गईं।
उनके शब्दों में:
“जिस दिन मैंने अपनी इज्जत, अपने बच्चों और अपने भाई की रक्षा के लिए ऑस्ट्रिया छोड़ने का फैसला किया, उसी दिन मैंने अपने बच्चों को खो दिया। यह पोस्ट उन सभी के लिए है जो अपमानजनक शादियों से गुजर रहे हैं—वे अकेले नहीं हैं।”
रात 1 बजे देश छोड़ा, बहुत कम पैसों के साथ भारत वापसी
सेलिना ने बताया कि वे रात 1 बजे पड़ोसियों की मदद से ऑस्ट्रिया से निकलीं और बहुत कम पैसों के साथ भारत लौटीं। भारत पहुंचने पर उन्हें अपने ही घर में प्रवेश के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा।
यह वही संपत्ति थी, जिसे उन्होंने 2004 में, शादी से पहले खरीदा था—लेकिन अब, उनके अनुसार, उनके पति उस पर अपना दावा कर रहे हैं। इस कानूनी लड़ाई के लिए उन्हें बड़ा लोन भी लेना पड़ा।
बच्चों से संपर्क पर रोक, आरोपों का सिलसिला
सेलिना का कहना है कि ज्वाइंट कस्टडी और ऑस्ट्रियाई फैमिली कोर्ट के मौजूदा आदेशों के बावजूद उन्हें अभी तक बच्चों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- बच्चों को उनसे मिलने से बार-बार रोका गया,
- मीडिया में चुनिंदा कहानियों के ज़रिए उनकी छवि प्रभावित की गई,
- बच्चों को उनके खिलाफ भड़काने और डराने की कोशिशें हुईं।
सेलिना ने यह भी याद दिलाया कि वे बच्चों के जन्म से ही प्राइमरी केयरटेकर रही हैं और पति के करियर को सपोर्ट करने के लिए एक देश से दूसरे देश तक शिफ्ट होती रहीं।
‘रातों-रात मुझे खुद को मां साबित करना पड़ा’
उन्होंने लिखा कि एक झटके में उनकी पूरी दुनिया बदल गई:
“रातों-रात मुझे एक मां और अभिभावक के तौर पर अपनी भूमिका साबित करनी पड़ी। मेरी पूरी दुनिया एक ही पल में मुझसे छीन ली गई।”
सेलिना जेटली की कहानी सिर्फ एक सेलिब्रिटी की निजी पीड़ा नहीं, बल्कि क्रॉस-बॉर्डर मैरिज, कस्टडी विवाद और घरेलू उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दों की ओर ध्यान दिलाती है।
- यह मामला बताता है कि रिश्ते टूटने पर कानूनी जटिलताएं और बच्चों की कस्टडी सबसे बड़ा संघर्ष बन जाती हैं।
- सोशल मीडिया पर खुलकर बोलना उनके लिए सहारा भी है और जोखिम भी—क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।
- उनकी अपील उन लोगों के लिए है जो अपमानजनक रिश्तों में फंसे हैं: “आप अकेले नहीं हैं।”
आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या मोड़ लेती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।