20–25 करोड़ का लोन डकार गया ‘ज्योतिषी’ CBI ने मंदिर की धर्मशाला से 10 साल से फरार ठगी के मास्टरमाइंड को दबोचा
बैंक ठगी के एक बड़े और चौंकाने वाले मामले में CBI को बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की ठगी कर पिछले 10 साल से फरार चल रहे मास्टरमाइंड संजीव दीक्षित को राजस्थान के बांसवाड़ा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मंदिर की धर्मशाला में ज्योतिषी बनकर छिपा हुआ था, जहां CBI ने फिल्मी अंदाज़ में उसे धर दबोचा।
🔹 20–25 करोड़ की बैंक ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
CBI के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला 53 वर्षीय संजीव दीक्षित इस बड़े बैंक फ्रॉड का मास्टरमाइंड है। आरोपी ने पंकज भारद्वाज, संजय शर्मा समेत कई फर्जी नामों और दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया और फिर फरार हो गया।
🔹 10 साल से फरार, जगह-जगह बदलता रहा ठिकाना
ठगी के बाद से संजीव दीक्षित लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह खुद को ज्योतिषी बताकर लोगों को भ्रमित करता और इसी आड़ में अपनी पहचान छुपाए हुए था। बीते एक दशक से CBI को उसकी तलाश थी।
🔹 त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला में छिपा था आरोपी
CBI को हाल ही में सूचना मिली कि आरोपी बांसवाड़ा में मौजूद है। जांच के बाद पता चला कि वह त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर स्थित धर्मशाला में ठहरा हुआ है। इसके बाद दिल्ली से CBI की विशेष टीम बांसवाड़ा पहुंची।
🔹 पूरी रात निगरानी, सुबह 5 बजे फिल्मी दबिश
CBI टीम गुरुवार रात करीब 9 बजे धर्मशाला पहुंची और खुद कमरा नंबर 53 में ठहर गई। बगल के कमरा नंबर 54 में आरोपी सो रहा था। पूरी रात निगरानी के बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे CBI ने बांसवाड़ा सदर थाना पुलिस के साथ दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
🔹 स्थानीय पुलिस और मंदिर चौकी का मिला सहयोग
सदर थाना सीआई रूपसिंह ने बताया कि CBI इंस्पेक्टर रोशनलाल और धनसिंह के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय जाब्ता मांगा था। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर चौकी इंचार्ज नरेश पाटीदार के सहयोग से पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक और सफलतापूर्वक पूरी की गई।
🔹 5 मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। CBI को शक है कि इनका इस्तेमाल ठगी और संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता था।
🔹 पत्नी पहले ही गिरफ्तार, बड़े खुलासों की उम्मीद
इस बैंक फ्रॉड से जुड़े एक अन्य मामले में CBI पहले ही आरोपी की पत्नी आरती शर्मा को बड़ौदा से गिरफ्तार कर चुकी है। अब CBI आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाएगी, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में ठगी से जुड़े और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
यह गिरफ्तारी दिखाती है कि बड़े आर्थिक अपराधों में शामिल आरोपी चाहे जितना भी समय फरार रहे, जांच एजेंसियों की पकड़ से बच नहीं सकता। धार्मिक स्थलों और फर्जी पहचान की आड़ में छिपे अपराधियों पर अब एजेंसियों की नजर और तेज हो गई है।