दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना हुआ मुश्किल:वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंची…
दिल्ली और नोएडा में वायु प्रदूषण इन दिनों चरम पर है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में 450 के पार दर्ज किया गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन ने ग्रैप-3 (GRAP-III) लागू कर दिया है, जिसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक और डीजल वाहनों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न सिर्फ फेफड़ों बल्कि पूरे शरीर के लिए खतरा बन चुकी है।
प्रदूषण का सीधा असर स्वास्थ्य पर: सांस और हृदय रोगियों के लिए खतरा
चिकित्सकों के अनुसार, दिल्ली की हवा में मौजूद महीन कण (PM2.5 और PM10) शरीर के अंदर गहराई तक पहुंचते हैं और सांस, हृदय व नसों से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। लगातार ऐसे वातावरण में रहने से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, अस्थमा और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं यथासंभव घर से बाहर निकलने से बचें।
त्वचा पर भी प्रदूषण का कहर:
अकाल झुर्रियां और संक्रमण का खतरा
जहां प्रदूषण को आमतौर पर सांस से जुड़ी समस्या माना जाता है, वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमारी त्वचा के लिए भी उतना ही नुकसानदेह है। हवा में मौजूद जहरीले तत्व और धूल के कण त्वचा की नमी सोख लेते हैं, जिससे रूखापन, मुंहासे और पिग्मेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक इस प्रदूषित वातावरण में रहने से स्किन एजिंग यानी समय से पहले झुर्रियां आने का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य की सुरक्षा कैसे करें:
विशेषज्ञों की अहम सलाह
डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का प्रयोग जरूरी है। घर लौटने पर चेहरा और हाथ तुरंत धोएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर के अंदर मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल सकें। त्वचा की सुरक्षा के लिए मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही घरों में एयर प्यूरिफायर या पौधे जैसे पीस लिली और एलोवेरा लगाना भी हवा को कुछ हद तक शुद्ध करने में मददगार हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का संकट केवल सांस की तकलीफ नहीं, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम जनता को भी सतर्क रहना होगा, ताकि आने वाले दिनों में इस जहरीली हवा से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।