Border 2: कौन थे फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों? जिनका किरदार दिलजीत दोसांझ ने निभाया
सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ सिनेमाघरों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित इस फिल्म में कई असल ज़िंदगी के नायकों की कहानियों को बड़े पर्दे पर उतारा गया है।
फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने भारतीय वायु सेना के महान योद्धा फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों का किरदार निभाया है। आइए जानते हैं उस वीर योद्धा के बारे में, जिनकी बहादुरी आज भी इतिहास में अमर है।
🇮🇳 1971 युद्ध के असली हीरो
परमवीर चक्र पाने वाले IAF के इकलौते अफसर
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों भारतीय वायु सेना के इकलौते ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने कश्मीर के श्रीनगर एयरबेस पर दुश्मन के हवाई हमले का अकेले मुकाबला किया और अपने प्राणों की आहुति दे दी।
यह वही युद्ध था जो 13 दिनों तक चला और जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस युद्ध में करीब 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य सरेंडर माना जाता है।
👶 बचपन और वायु सेना तक का सफर
उड़ान का जुनून बचपन से था
निर्मल जीत सिंह सेखों का जन्म 17 जुलाई 1945 को पंजाब के लुधियाना ज़िले के रूरका गांव में हुआ था।
उन्होंने 4 जून 1967 को भारतीय वायु सेना में कमीशन प्राप्त किया।
शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में प्रवेश लिया और फिर भारतीय वायु सेना अकादमी से प्रशिक्षण पूरा किया। बचपन से ही उन्हें उड़ान भरने का शौक था, जो आगे चलकर देशभक्ति और बलिदान में बदल गया।
✈️ श्रीनगर एयरबेस की ऐतिहासिक लड़ाई
छह पाकिस्तानी जेट्स से अकेली भिड़ंत
14 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने श्रीनगर एयरफील्ड पर अचानक हवाई हमला कर दिया।
उस वक्त हालात बेहद खराब थे, लेकिन फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने बिना किसी औपचारिक आदेश के अपने ‘ग्नैट’ फाइटर जेट से उड़ान भरी।
उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना के छह F-86 सेबर जेट्स का सामना किया—
- एक दुश्मन विमान को मार गिराया
- दूसरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया
हालांकि, इस दौरान उनका विमान भी दुश्मन की फायरिंग का शिकार हो गया और वे वीरगति को प्राप्त हुए।
🏅 अदम्य साहस का सम्मान
परमवीर चक्र से नवाजे गए
निर्मल जीत सिंह सेखों ने जिस साहस, कौशल और संकल्प का प्रदर्शन किया, उसके लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
उनकी वीरता आज भी भारतीय वायु सेना के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
👨✈️ सेना से जुड़ा परिवार
देशसेवा विरासत में मिली
निर्मल जीत सिंह सेखों के पिता भी भारतीय वायु सेना में सेवा दे चुके थे। वे मास्टर वारंट ऑफिसर और बाद में मानद फ्लाइट लेफ्टिनेंट रहे।
देशभक्ति और अनुशासन का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला था।
🧬 परिवार की यादें और सम्मान
भतीजे को मिला परमवीर चक्र का अधिकार
निर्मल जीत सिंह सेखों के भतीजे अमरदीप सिंह सेखों ने एक इंटरव्यू में बताया कि पूरा परिवार आज भी उन पर गर्व करता है।
उन्होंने कहा—
“वह हमारे परिवार के हीरो हैं। उनके माता-पिता अब नहीं रहे। उनकी शहादत के बाद उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। इसलिए उनके परमवीर चक्र का अधिकार मुझे मिला।”
परिवार को यह भी बताया गया था कि उनके अवशेष उनके विमान के मलबे के बीच मिले थे और भारतीय वायु सेना ने पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया।
🎬 Border 2 में दिलजीत दोसांझ का किरदार
एक सच्चे योद्धा को दी श्रद्धांजलि
‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत दोसांझ ने फ्लाइंग ऑफिसर सेखों के किरदार को गंभीरता और सम्मान के साथ पर्दे पर उतारा है।
उनकी परफॉर्मेंस ने नई पीढ़ी को उस नायक से परिचित कराया, जिसने देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया।
रील से रियल तक वीरता की कहानी
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों की कहानी यह साबित करती है कि सच्ची बहादुरी पद या संख्या की मोहताज नहीं होती।
‘बॉर्डर 2’ के ज़रिए यह वीर गाथा एक बार फिर देशवासियों के दिलों तक पहुंची है।