Border 2 एक्ट्रेस के पिता भी रहे हैं भारतीय सेना में, बोलीं– हर कॉल पर पूछती थी ‘पापा घर कब आओगे?’
रील से ज्यादा गहरी है रियल लाइफ की कहानी
सनी देओल की Border 2 बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन फिल्म से जुड़ी कुछ कहानियां पर्दे से भी ज्यादा भावनात्मक हैं। फिल्म में वरुण धवन की पत्नी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस मेधा राणा ने हाल ही में एनडीटीवी से खास बातचीत में बताया कि कैसे उनकी रियल लाइफ और फिल्म की कहानी के बीच गहरा कनेक्शन है—खासकर इसलिए क्योंकि उनके पिता खुद भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं।
10 दिनों में 273 करोड़, लेकिन चर्चा में इमोशन्स
Border 2 ने रिलीज के महज 10 दिनों में करीब 273 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है और फिल्म की कमाई लगातार बढ़ने की उम्मीद है। जहां फिल्म के मेल एक्टर्स सुर्खियों में रहे, वहीं फीमेल कैरेक्टर्स भी दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मेधा राणा ने निभाया वरुण धवन की पत्नी का रोल
मेधा राणा ने फिल्म में फौजी पत्नी का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों से काफी सराहना मिल रही है। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनके सीन फिल्म के सबसे भावुक पलों में शामिल हैं।
सबसे मुश्किल सीन कौन-सा था?
अपने किरदार की चुनौतियों पर बात करते हुए मेधा ने बताया कि उनके लिए सबसे कठिन दृश्य वही था, जब उनका पति होशियार युद्ध पर जाता है और वह दरवाजे पर खड़ी रह जाती है।
उनके मुताबिक,
“बाहर से मेरा किरदार बहुत मजबूत दिखता है, लेकिन अंदर से वह सिर्फ 19 साल की लड़की है, जिसकी पूरी दुनिया उसका पति है। उस एक सीन में डर, दर्द, अनिश्चितता और मजबूती—सब कुछ एक साथ दिखाना बहुत मुश्किल था।”
फिल्म देखते हुए कहां-कहां रो पड़ीं मेधा
मेधा ने बताया कि फिल्म का दूसरा हिस्सा उन्हें भावनात्मक रूप से पूरी तरह तोड़ देता है।
“‘घर कब आओगे’ और ‘मिट्टी के बेटे’ गाने में, मोना सिंह के किरदार की मौत के बाद और जब मेरा किरदार होशियार को अलविदा कहता है—इन सभी सीन में मैं खुद को रोक नहीं पाई।”
पहली बार बड़े पर्दे पर खुद को देखना आसान नहीं था
अपने डेब्यू अनुभव पर मेधा ने कहा कि पहली बार खुद को बड़े पर्दे पर देखकर वह बेहद आत्म-आलोचनात्मक हो गई थीं।
“मैं सोच रही थी कि मैं और बेहतर कर सकती थी। फिर खुद को समझाया कि अब इसे एक फिल्म की तरह देखना है और अपनी परफॉर्मेंस को अलग नजर से समझना है।”
आर्मी फैमिली से होने का गहरा असर
मेधा ने बताया कि वह एक आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं और यही वजह है कि Border 2 उनसे निजी तौर पर जुड़ती है।
“मैंने 1965, 1971, कारगिल जैसी जंगों की कहानियां अपने माता-पिता और दादा-दादी से सुनी हैं। ये कहानियां मेरे साथ बड़ी हुई हैं।”
‘घर कब आओगे’ गाना क्यों है सबसे निजी
मेधा ने खुलासा किया कि यह गाना उनके लिए बेहद पर्सनल है, क्योंकि जब उनके पिता की पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर जैसे फील्ड एरिया में होती थी, तो परिवार को फोन पर बात करने की अनुमति नहीं होती थी।
“जब कभी दो सेकंड बात होती, तो मैं और मेरी बहन बस यही पूछते थे—‘पापा कब आओगे घर?’”
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत: घर की कहानी
मेधा के मुताबिक, युद्ध तो इतिहास है, लेकिन Border 2 की असली ताकत उन परिवारों की कहानी है जो पीछे छूट जाते हैं।
“फिल्म ने रिश्तों, दोस्ती और घर की भावनाओं को बहुत ईमानदारी से दिखाया है। दिल बिल्कुल सही जगह पर है।”
आगे क्या?
Border 2 के बाद मेधा राणा को फिल्म इंडस्ट्री से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। वह लगातार ऑडिशन दे रही हैं और माना जा रहा है कि इस फिल्म के बाद उनके करियर को नई रफ्तार मिलेगी।