बरेली से BJP विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का हार्ट अटैक से निधन, CM योगी ने जताया गहरा शोक
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से फरीदपुर विधानसभा सीट के भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार को अचानक निधन हो गया। वे बरेली सर्किट हाउस में एक सरकारी बैठक में शामिल थे, तभी उन्हें हार्ट अटैक आया। इस घटना से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
🏛️ बैठक के दौरान बिगड़ी तबीयत
सर्किट हाउस में हुई हृदयविदारक घटना
जानकारी के मुताबिक, डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक अहम बैठक में भाग ले रहे थे। बैठक के दौरान दोपहर करीब सवा दो बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और कार्यकर्ताओं में अफरा-तफरी मच गई।
🚑 अस्पताल ले जाते समय नाजुक हालत
मेडिसिटी हॉस्पिटल में तोड़ा दम
उन्हें तुरंत सहयोगियों द्वारा मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
🩺 डॉक्टरों का बयान
अस्पताल पहुंचते ही नहीं चल रही थी पल्स
मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर विमल भारद्वाज ने बताया कि जब डॉ. श्याम बिहारी लाल को अस्पताल लाया गया, तब उनकी बीपी और पल्स काम नहीं कर रही थी। डॉक्टरों की टीम ने करीब एक घंटे तक सीपीआर और अन्य जीवन रक्षक प्रयास किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
🕯️ CM योगी ने जताया शोक
‘परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे प्रभु’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
🎂 एक दिन पहले मनाया था जन्मदिन
60वें जन्मदिन के अगले ही दिन निधन
पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, डॉ. श्याम बिहारी लाल ने गुरुवार को ही अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। उनके अचानक निधन से समर्थकों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख है।
🗳️ दो बार विधायक रहे श्याम बिहारी लाल
फरीदपुर से सुरक्षित सीट पर मजबूत पकड़
डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए थे। यह सीट भाजपा की सुरक्षित सीटों में मानी जाती है। वे 2017 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
👨👩👧👦 परिवार और निजी जीवन
पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए पीछे
डॉ. श्याम बिहारी लाल अपने पीछे पत्नी मंजू लता, एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
🎓 शिक्षाविद से राजनेता तक का सफर
इतिहास के प्रोफेसर से विधायक बने
श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ था। उन्होंने एम.जेपी. रोहिलखंड विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएचडी की थी और वहीं इतिहास के प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया। शिक्षाविद के रूप में उनकी अलग पहचान थी, जिसे बाद में उन्होंने राजनीति में भी स्थापित किया।
राजनीति और शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति
डॉ. श्याम बिहारी लाल का अचानक निधन न केवल भाजपा बल्कि शिक्षा और राजनीति, दोनों क्षेत्रों के लिए एक बड़ी क्षति है। एक शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि के रूप में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।