बिहार चुनावी सरगर्मी: पटना एयरपोर्ट पर तेज प्रताप और रवि किशन की फिर मुलाकात…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, राज्य की सियासत में हलचल तेज होती जा रही है। पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होनी है। इसी बीच शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुलाकात एक बार फिर बीजेपी सांसद व अभिनेता रवि किशन से हुई। यह मुलाकात इसलिए खास रही क्योंकि दो दिन के भीतर दोनों नेताओं का यह दूसरा सामना था।
दो दिन में दूसरी बार आमने-सामने आए दोनों नेता
तेज प्रताप यादव और रवि किशन की यह लगातार दूसरी मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का कारण बन गई है। बिहार में चल रहे चुनावी माहौल के बीच इन दोनों नेताओं का यूं बार-बार मिलना, लोगों के बीच नई अटकलों को जन्म दे रहा है। सोशल मीडिया पर भी दोनों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें वे हंसी-मजाक करते और एक-दूसरे से आत्मीयता के साथ बात करते दिख रहे हैं।
एयरपोर्ट पर ‘हर हर महादेव’ के जयकारे से गूंजा माहौल
मुलाकात के दौरान तेज प्रताप और रवि किशन ने एक-दूसरे के कान में कुछ बातें कीं और फिर साथ में ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाया। इस नारेबाजी से पटना एयरपोर्ट का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह धार्मिक और जोश से भर गया। दोनों नेताओं की सहजता और सौहार्द देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
तेज प्रताप बोले — “यह तो सिर्फ संयोग है”
मीडिया ने जब तेज प्रताप यादव से इस मुलाकात पर सवाल पूछा तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “यह तो बस एक संयोग है कि मैं कल भी रवि किशन जी से मिला था और आज फिर मुलाकात हो गई। हर हर महादेव।” हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक गठजोड़ की संभावना से साफ इनकार किया, लेकिन उनके बयान के बाद भी सियासी हलकों में चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
राजनीति में नई संभावनाओं की अटकलें तेज
इस दोहराई गई मुलाकात को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि बिहार के मौजूदा चुनावी परिदृश्य में हर मुलाकात का मतलब होता है। ऐसे में तेज प्रताप और रवि किशन की बढ़ती नजदीकियों को लेकर कई तरह की व्याख्याएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ व्यक्तिगत संबंध बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भविष्य की सियासी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, इस अप्रत्याशित मुलाकात ने बिहार की राजनीति में चर्चा का नया विषय जरूर छेड़ दिया है।