राजस्थान निकाय–पंचायत चुनाव पर बड़ा बयान: फरवरी 2026 नहीं… सरकार इस नए महीने में कराने की तैयारी में…
चुनाव टाइमलाइन पर मंत्री खर्रा का संकेत: ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ फिलहाल संभव नहीं, SIR के बाद बदलेगा पूरा शेड्यूल
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर शहरी विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि SIR के तुरंत बाद राज्य में परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा, ऐसे में फरवरी या मार्च 2026 में एक साथ चुनाव कराने की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है। सरकार अब चुनावी कैलेंडर को नए सिरे से तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
चुनाव फरवरी–मार्च में नहीं, सरकार तलाश रही नया स्लॉट
मंत्री खर्रा ने स्पष्ट किया कि SIR के बाद राज्य में व्यवस्थित तरीके से परीक्षा शेड्यूल लागू होगा। बोर्ड परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं का दबाव देखते हुए फरवरी या मार्च में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ करवाना व्यावहारिक नहीं है। सरकार अब ऐसा महीना तय करना चाहती है जहां प्रशासनिक दबाव कम हो और सुरक्षा–व्यवस्था भी सुचारू रूप से संभाली जा सके।
‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की योजना पर ब्रेक
एक साथ सभी चुनाव कराने की योजना अब टली
फिलहाल जिस तरह राज्य के शैक्षणिक और प्रशासनिक कैलेंडर में व्यस्तता बढ़ रही है, उससे निकाय और पंचायत चुनाव को एकसाथ कराने की योजना आगे खिसक गई है। मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार मौजूदा परिस्थितियों में इस कॉन्सेप्ट को लागू नहीं कर पाएगी।
SIR के बाद लगातार परीक्षाओं का दौर, चुनावी तैयारी मुश्किल
SIR पूरा होने के बाद कई विभाग भर्ती परीक्षाएं और शैक्षणिक मूल्यांकन शुरू करेंगे। ऐसे में चुनावी व्यवस्थाओं में लगने वाले प्रशासनिक स्टाफ को तुरंत तैनात करना कठिन हो जाता है। यही वजह है कि सरकार अब गर्मी के बाद के महीनों पर भी विचार कर रही है।
नई चुनाव तिथि पर जल्द होगी हाई-लेवल चर्चा
मंत्री ने संकेत दिया कि निकाय और पंचायत चुनाव की नई संभावित तारीखों पर जल्द ही चुनाव आयोग के साथ समीक्षा बैठक होगी। विभाग वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर उसी महीने को फाइनल करेगा, जिसमें न परीक्षा टकराएगी और न ही छात्रों–अभ्यर्थियों को disruption होगा।