🔴 बांग्लादेश में मॉब रूल बेहद चिंता की बात… शशि थरूर ने पड़ोसी देश को दी सख्त नसीहत
बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत में चिंता गहराती जा रही है। कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने साफ शब्दों में कहा है कि पड़ोसी देश में भीड़तंत्र (Mob Rule) किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मौजूदा हालात को भारत-बांग्लादेश दोनों के लिए नुकसानदेह बताया।
⚠️ “बांग्लादेश के हालात बेहद चिंताजनक”
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में शशि थरूर ने कहा कि
“जिस तरह से बांग्लादेश में हालात चल रहे हैं, वह बहुत चिंताजनक है। वहां इस तरह का मॉब रूल नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति किसी भी देश के लिए अच्छी नहीं होती।”
उन्होंने इंकलाब मंच के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा और उसके बाद हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई।
🔥 अल्पसंख्यकों पर हमले ने बढ़ाई चिंता
हादी की मौत के बाद ढाका और आसपास के इलाकों में हिंसा फैल गई।
- हिंदू अल्पसंख्यकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया
- दीपू चंद्र दास (25) की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या
- शव को पेड़ से बांधकर सरेआम आग लगा दी गई
इन घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🤝 “हम बांग्लादेश से अच्छे संबंध चाहते हैं”
शशि थरूर ने कहा कि विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की भी यही राय है कि
- भारत बांग्लादेश के साथ अच्छे और स्थिर संबंध चाहता है
- वहां शांति बनी रहनी चाहिए
- फरवरी में प्रस्तावित चुनावों के मद्देनज़र लोकतंत्र की बहाली जरूरी है
उन्होंने कहा,
“हम चाहते हैं कि बांग्लादेश में लोकतंत्र वापस आए, लेकिन जो कुछ वहां इस वक्त हो रहा है, वह ठीक नहीं है।”
🚫 वीजा केंद्र बंद होना दोनों देशों के लिए नुकसानदेह
थरूर ने बांग्लादेश में हालिया हिंसा के चलते भारत को
- राजशाही और खुलना में
- दो भारतीय वीजा आवेदन केंद्र
अस्थायी रूप से बंद करने पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि
- बांग्लादेश के लोग भारत आने के लिए ज्यादा वीजा चाहते हैं
- हाल ही में वीजा व्यवस्था को सामान्य किया गया था
- लेकिन हिंसा और धमकियों के कारण केंद्र बंद करने पड़े
“इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के लिए ठीक नहीं हैं। हम चाहते हैं कि वहां शांति का समाधान निकले।”
🇮🇳 भारतीय उच्चायोग को मिली धमकियां
बता दें कि
- ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च
- भड़काऊ बयान और धमकियां
- इसके बाद भारत सरकार ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया
सुरक्षा कारणों से वीजा केंद्रों को बंद करना पड़ा।
🧕 हिजाब विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद पर पूछे गए सवाल पर थरूर ने कहा,
“सभी महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वे मुस्लिम हों या हिंदू। यह घटना सही नहीं थी।”
- बांग्लादेश में बढ़ता मॉब रूल और सांप्रदायिक हिंसा गंभीर चेतावनी है
- शशि थरूर का बयान भारत की आधिकारिक चिंता को दर्शाता है
- शांति, कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली ही दोनों देशों के हित में है