जमात-ए-इस्लामी ने बांग्लादेश चुनाव परिणाम पर जताई नाराजगी, भारत को लेकर की चेतावनी…
BNP की जीत के बाद विपक्षी दलों में बढ़ा गुस्सा
बांग्लादेश के आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने चुनावी परिणामों पर असंतोष जताया है। पार्टी ने नतीजों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया संदिग्ध रही।
जमात-ए-इस्लामी के आरोप: चुनाव आयोग और प्रशासन पर संदेह
पार्टी के बयान में कहा गया कि उनके 11-दलीय गठबंधन के उम्मीदवारों को करीबी मुकाबलों में हराने और नतीजों में अनियमितताओं के चलते चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। जमात-ए-इस्लामी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश चुनाव आयोग समय पर मतदान प्रतिशत जारी करने में विफल रहा और प्रशासन का एक वर्ग सत्तारूढ़ दल के पक्ष में झुका दिखा।
शांति बनाए रखने की अपील
पार्टी ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और गठबंधन के आधिकारिक कार्यक्रम की प्रतीक्षा करने की अपील की। इसके अलावा, सहयोगी संगठन NCP (नेशनल सिटिजन पार्टी) ने भी कड़ा रुख अपनाया। NCP के नेता असनत अब्दुल्ला ने चेतावनी दी कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो विरोध की आग सीमाओं से बाहर तक फैल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पड़ोसी देश में इन ताकतों को आश्रय मिलता है, तो वे “सेवन सिस्टर्स” क्षेत्र के अलगाववादियों को समर्थन दे सकते हैं।
BNP की जीत और सरकार गठन
पीटीआई के अनुसार, तारिक रहमान शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बीएनपी ने चुनाव में 209 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जो 20 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी को दर्शाता है। बीएनपी के मीडिया सेल सदस्य सैरुल कबीर खान ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि यह बांग्लादेश के लिए बड़ी सफलता है।
विपक्ष और पड़ोसी देशों के लिए संभावित असर
चुनाव परिणामों को लेकर विपक्षी दलों की नाराजगी बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य में अस्थिरता बढ़ा सकती है। NCP की चेतावनी से यह संकेत मिलता है कि विवाद स्थानीय स्तर से परे क्षेत्रीय तनाव भी उत्पन्न कर सकता है। वहीं, BNP की जीत ने राजनीतिक संतुलन बदल दिया है और अब नई सरकार के कामकाज और विदेश नीति की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।