🔥 बलूचिस्तान में पाकिस्तान का सरेंडर! रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में पाक फौज को बताया ‘अपाहिज’
Baloch Attack on Pakistan Army | Pakistan Crisis
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब खुद सरकार के मंत्री सेना की मजबूरी और नाकामी सार्वजनिक तौर पर कबूल करने लगे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में ऐसा बयान दिया है, जिसे कई लोग बलूचिस्तान में पाकिस्तानी राज्य के ‘सरेंडर मोमेंट’ के तौर पर देख रहे हैं।
आसिफ ने साफ शब्दों में कहा कि बलूचिस्तान के विशाल और दुर्गम इलाके में पाकिस्तानी फौज विद्रोहियों के सामने “फिजिकली हैंडीकैप (अपाहिज)” जैसी स्थिति में है। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने प्रांत भर में एकसाथ घातक हमले कर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
💣 एक साथ 12 जगह हमला, पाक फौज के लिए सबसे बड़ा झटका
हाल ही में बलूच विद्रोहियों ने कम से कम 12 स्थानों पर एकसाथ हमले किए, जिसे BLA ने “ऑपरेशन हेरोफ – फेज 2” नाम दिया है।
इन हमलों में:
- करीब 80 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए
- 30 से ज्यादा सरकारी ठिकाने तबाह कर दिए गए
- पूरे प्रांत में सेना और सरकार की पकड़ पर सवाल खड़े हो गए
पाक अधिकारियों का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में 177 विद्रोहियों को मार गिराया गया, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि हालात अब भी नियंत्रण से बाहर हैं।
🗣️ संसद में क्या बोले ख्वाजा आसिफ?
नेशनल असेंबली में बोलते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा—
“भौगोलिक रूप से बलूचिस्तान पाकिस्तान का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है। यहां 35 किलोमीटर में एक आदमी रहता है। इतनी विशाल जमीन को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल है। हमारे सैनिक वहां मौजूद हैं, लेकिन इतने बड़े इलाके की सुरक्षा और गश्त करना शारीरिक रूप से संभव नहीं है।”
यह बयान सीधे तौर पर मानता है कि:
- पाक फौज के पास पर्याप्त मैनपावर नहीं
- इलाके पर राज्य का प्रभाव कमजोर पड़ चुका है
- विद्रोही बेहतर रणनीति और संसाधनों से लैस हैं
🔫 “विद्रोहियों के हथियार हमसे महंगे”
ख्वाजा आसिफ ने संसद में एक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा—
- बलूच विद्रोहियों के पास 20 लाख पाकिस्तानी रुपये तक की राइफलें हैं
- वे जो गियर पहनते हैं, उसकी कीमत 20,000 डॉलर (करीब 18 लाख रुपये) तक है
- कई मामलों में यह पाकिस्तानी सैनिकों के गियर से बेहतर है
इस बयान ने पाकिस्तानी सेना की तैयारी और सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
❌ BLA से बातचीत से साफ इनकार
रक्षा मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि सरकार:
- BLA से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगी
- महिलाओं और बच्चों की हत्या करने वालों से नेगोशिएशन संभव नहीं
आसिफ ने आरोप लगाया कि:
- अपराधी गिरोह BLA के नाम पर काम कर रहे हैं
- तस्कर और अलगाववादी समूहों के बीच गठजोड़ है
- पहले तेल तस्करी से एक दिन में 4 अरब पाकिस्तानी रुपये तक कमाए जाते थे
उनका दावा है कि बलूचिस्तान में आदिवासी नेता, नौकरशाही और अलगाववादी मिलकर एक “सिस्टम” चला रहे हैं।
🧨 बलूचिस्तान: पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ख्वाजा आसिफ का बयान सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि:
- पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा विफलता का सार्वजनिक कबूलनामा
- बलूचिस्तान में राज्य की पकड़ कमजोर होने का संकेत
- आने वाले समय में हिंसा और बढ़ने की चेतावनी
बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के लिए एक सिक्योरिटी ब्लैक होल बना हुआ है, जहां सेना, सरकार और खुफिया एजेंसियां अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाई हैं।
जब किसी देश का रक्षा मंत्री संसद में अपनी ही फौज को “अपाहिज” बताए, तो यह सिर्फ बयान नहीं बल्कि सिस्टम की हार होती है।
बलूचिस्तान में हालिया हमलों ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान अब सिर्फ आतंकवाद से नहीं, बल्कि अपने ही भीतर उठे विद्रोह से जूझ रहा है।