4000 करोड़ की ‘रामायण’ बनाम आदिपुरुष! अरुण गोविल बोले—भगवान का किरदार है तो लुक सबसे अहम
भारतीय संस्कृति की आत्मा मानी जाने वाली रामायण एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने को तैयार है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 4000 करोड़ रुपये की मेगा फिल्म रामायण को लेकर जहां जबरदस्त उत्साह है, वहीं इसकी तुलना लगातार ओम राउत की आदिपुरुष से की जा रही है। अब इस तुलना पर 90 के दशक में टीवी पर भगवान राम बनकर अमर हुए अभिनेता अरुण गोविल ने खुलकर अपनी राय रखी है।
🎭 दशरथ के किरदार में नजर आएंगे अरुण गोविल
अरुण गोविल, जिन्होंने रामानंद सागर की ऐतिहासिक रामायण में भगवान राम का किरदार निभाया था, अब नितेश तिवारी की रामायण में राजा दशरथ की भूमिका में दिखाई देंगे।
उनकी मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की भावनात्मक उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।
🎬 दो पार्ट में रिलीज होगी नितेश तिवारी की रामायण
मेगा बजट रामायण को दो भागों में रिलीज किया जाएगा।
- पहला पार्ट: 2026 में IMAX पर रिलीज
- दूसरा पार्ट: दिवाली 2027 में संभावित रिलीज
फिल्म में
- रणबीर कपूर — भगवान राम
- यश — रावण
- साई पल्लवी — माता सीता
- सनी देओल — हनुमान
- रवि दुबे — लक्ष्मण
जैसे बड़े सितारे नजर आएंगे।
👀 अरुण गोविल बोले—भगवान का रोल है तो लुक मायने रखता है
पीटीआई से बातचीत में अरुण गोविल ने रामायण की तुलना को लेकर कहा,
“जब कोई स्टैंडर्ड सेट हो जाता है, तो तुलना होना स्वाभाविक है। किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। भगवान का किरदार निभाने के लिए वैसा दिखना भी जरूरी होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि दर्शक जब स्क्रीन पर देखें, तो उन्हें लगे—‘भगवान ऐसे ही हो सकते हैं’।
⚔️ नई रामायण बनाम आदिपुरुष की तुलना पर क्या बोले अरुण गोविल?
जब रामायण की तुलना ओम राउत की आदिपुरुष से की गई, तो अरुण गोविल ने साफ कहा कि दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है।
उन्होंने इशारों में कहा कि रामायण एक आस्था और संस्कृति से जुड़ा विषय है, जिसे बेहद संवेदनशीलता और सम्मान के साथ पेश किया जाना चाहिए।
📉 आदिपुरुष क्यों बनी विवादों का कारण?
2023 में रिलीज हुई आदिपुरुष में
- प्रभास — राम
- सैफ अली खान — रावण
- कृति सेनन — सीता
नजर आए थे। भारी बजट और बड़े नामों के बावजूद फिल्म
- VFX
- डायलॉग
- किरदारों के चित्रण
को लेकर आलोचनाओं में घिर गई और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई।
📊 उम्मीदों के बोझ तले नई रामायण
अरुण गोविल जैसे अनुभवी कलाकार का फिल्म से जुड़ना और उनका बयान साफ संकेत देता है कि रामायण को केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
अब देखना होगा कि रणबीर कपूर की रामायण दर्शकों की आस्था और उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।