APSEZ Earnings Report: अदाणी पोर्ट्स का मुनाफा 21% उछला, ऑस्ट्रेलिया डील के बाद बढ़ाया EBITDA लक्ष्य
नई दिल्ली:
अदाणी ग्रुप की लॉजिस्टिक्स दिग्गज कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने Q3 FY26 में दमदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे और ऑपरेशनल मोर्चे पर नया बेंचमार्क सेट किया है। ऑस्ट्रेलिया के NQXT पोर्ट अधिग्रहण के बाद कंपनी ने अपने EBITDA गाइडेंस को ₹800 करोड़ तक बढ़ा दिया है, जिससे भविष्य की ग्रोथ को लेकर निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
Q3 FY26 में रिकॉर्ड नतीजे, रेवेन्यू और EBITDA दोनों में तेज उछाल
तीसरी तिमाही में APSEZ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 22% बढ़कर ₹9,705 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में 20% की बढ़त दर्ज हुई और यह ₹5,786 करोड़ पर रहा। वहीं शुद्ध मुनाफा (PAT) 21% की छलांग के साथ ₹3,043 करोड़ रहा, जो मजबूत ऑपरेशनल लीवरेज और बेहतर मिक्स को दर्शाता है।
नौ महीनों में भी शानदार ट्रैक्शन, गाइडेंस बढ़ाने का भरोसा
FY26 के पहले नौ महीनों में कंपनी का रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹27,998 करोड़ और EBITDA 20% बढ़कर ₹16,832 करोड़ पहुंच गया है। बेहतर ट्रैक्शन और NQXT ऑस्ट्रेलिया के कंसोलिडेशन को देखते हुए कंपनी ने FY26 के लिए EBITDA गाइडेंस बढ़ाकर ₹22,800 करोड़ कर दिया है, जो पहले के अनुमान से ₹800 करोड़ ज्यादा है।
कार्गो वॉल्यूम और मार्केट शेयर में मजबूती बरकरार
Q3 में APSEZ का कुल कार्गो वॉल्यूम 9% बढ़कर 123 मिलियन टन रहा। ऑल-इंडिया कार्गो मार्केट शेयर 27.4% और कंटेनर मार्केट शेयर 45.6% पर पहुंच गया, जो देश के पोर्ट सेक्टर में कंपनी की मजबूत पकड़ को दिखाता है।
सेगमेंट-वाइज प्रदर्शन: चारों पिलर्स में ग्रोथ
डोमेस्टिक पोर्ट्स:
रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹6,701 करोड़, EBITDA अब तक के उच्चतम स्तर ₹4,877 करोड़ पर।
इंटरनेशनल पोर्ट्स:
तिमाही रेवेन्यू पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार (₹1,067 करोड़), EBITDA सालाना आधार पर दोगुना होकर ₹236 करोड़।
लॉजिस्टिक्स बिजनेस:
एसेट-लाइट मॉडल और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क के दम पर रेवेन्यू 62% बढ़कर ₹1,121 करोड़, EBITDA ₹203 करोड़।
मरीन बिजनेस:
नए जहाजों के अधिग्रहण से रेवेन्यू 91% उछलकर ₹773 करोड़, EBITDA 135% बढ़कर ₹428 करोड़। कंपनी का मरीन फ्लीट अब 129 वेसल्स का हो गया है।
CEO अश्विनी गुप्ता का भरोसा: ग्रोथ की रफ्तार कायम
APSEZ के Whole-Time Director और CEO अश्विनी गुप्ता ने कहा कि चारों बिजनेस पिलर्स में लगातार मजबूती, NQXT कंसोलिडेशन और मजबूत बैलेंस शीट ने गाइडेंस बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने बताया कि NQXT अधिग्रहण के बाद भी कंपनी का लीवरेज प्रोफाइल स्थिर है और FY29 तक रेवेन्यू व EBITDA को दोगुना करने का लक्ष्य ट्रैक पर है।
NQXT ऑस्ट्रेलिया डील: इंटरनेशनल विस्तार को नई रफ्तार
ऑस्ट्रेलिया के NQXT पोर्ट का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। 50 MTPA क्षमता वाला यह पोर्ट ईस्ट-वेस्ट ट्रेड कॉरिडोर में APSEZ की मौजूदगी को मजबूत करेगा और FY26 की चौथी तिमाही से EBITDA में योगदान देना शुरू करेगा। कंपनी ने 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट का लक्ष्य दोहराया है।
मुंद्रा पोर्ट की नई उपलब्धि, लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती की उम्मीद
मुंद्रा पोर्ट देश का पहला ऐसा पोर्ट बन गया है, जो फुल-लोडेड VLCC (Very Large Crude Carrier) को सीधे जेटी पर हैंडल कर सकता है। इससे क्रूड आयात की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और टर्नअराउंड टाइम दोनों घटने की उम्मीद है।
रेटिंग और ESG फ्रंट पर भी मजबूत संकेत
क्रेडिट मोर्चे पर जापान की JCR ने APSEZ को ‘A-/Stable’ रेटिंग दी। मूडीज ने आउटलुक को ‘Negative’ से ‘Stable’ किया और Baa3 रेटिंग बरकरार रखी। नेट डेब्ट-टू-EBITDA अनुपात 1.9x (प्रो-फॉर्मा 1.8x) पर है।
ESG फ्रंट पर APSEZ ने TNFD फ्रेमवर्क अपनाने वाली भारत की पहली इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी बनकर नई मिसाल कायम की। MSCI ने ESG रेटिंग ‘CCC’ से बढ़ाकर ‘B’ कर दी, जबकि 12 पोर्ट्स को Zero Waste to Landfill सर्टिफिकेशन मिला है।
मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, इंटरनेशनल विस्तार और स्थिर बैलेंस शीट के साथ APSEZ आने वाले वर्षों में पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का बड़ा दांव बनता नजर आ रहा है।