ACB की बड़ी कार्रवाई: नगरपालिका में रिश्वत लेते स्टोरकीपर और अकाउंटेंट रंगे हाथों गिरफ्तार
भ्रष्टाचार पर एसीबी का करारा प्रहार
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार घूसखोर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में श्रीगंगानगर और बीकानेर एसीबी की संयुक्त टीम ने अनूपगढ़ नगरपालिका में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टोरकीपर और अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
अनूपगढ़ नगरपालिका में चला एसीबी का ट्रैप
यह कार्रवाई अनूपगढ़ नगरपालिका में की गई, जहां एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर स्टोरकीपर सुरेश कुमार और अकाउंटेंट सुनील कुमार को 48 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अचानक हुई इस कार्रवाई से नगरपालिका कार्यालय में हड़कंप मच गया।
कचरा संग्रहण टेंडर से जुड़ा है मामला
मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी फर्म को अनूपगढ़ शहर में कचरा संग्रहण का 9 लाख 75 हजार रुपये का टेंडर मिला हुआ था। इसी कार्य से जुड़े भुगतान को लेकर रिश्वत की मांग की गई थी।
बिल पास करने के बदले मांगी गई 80 हजार की रिश्वत
फर्म की ओर से अक्टूबर माह में 4 लाख 9 हजार रुपये का बिल भुगतान के लिए नगरपालिका में प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि इस बिल को पास करने के एवज में स्टोरकीपर और अकाउंटेंट ने कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
एसीबी को दी गई शिकायत, हुआ सत्यापन
रिश्वत की मांग से परेशान फर्म मालिक ने पूरे मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
48 हजार रुपये लेते ही दबोचे गए आरोपी
गुरुवार, 29 जनवरी को तय योजना के तहत एसीबी की टीम ने जैसे ही आरोपियों को 48 हजार रुपये की रिश्वत लेते देखा, तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
नगरपालिका में मचा हड़कंप
एसीबी की अचानक कार्रवाई से अनूपगढ़ नगरपालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारी और अधिकारी सकते में आ गए। एसीबी की टीम दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच में जुटी हुई है।
रिश्वतखोरी पर लगाम की जरूरत
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी कार्यालयों में भुगतान प्रक्रिया को लेकर भ्रष्टाचार अब भी बड़ी समस्या बना हुआ है। एसीबी की इस कार्रवाई से ईमानदार काम करने वालों को हौसला मिलेगा, वहीं रिश्वतखोर कर्मचारियों के लिए यह सख्त चेतावनी है कि कानून की नजर से बचना आसान नहीं है।