सड़क सुरक्षा की मिसाल: बेटे की मौत के बाद पिता ने समाज को दी सीख, लोगों में बांटे 51 हेलमेट…
दौसा जिले के समाजसेवी कालूराम बंसीवाल ने अपने इकलौते बेटे की याद में एक ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। बेटे विकास बंसीवाल की सड़क हादसे में मौत के बाद कालूराम ने संकल्प लिया कि वे दूसरों को वही गलती नहीं दोहराने देंगे जो उनके बेटे ने की थी — बिना हेलमेट बाइक चलाने की , क्योंकि एक सड़क हादसे में उनके बेटे की मौत हो गई थी ,
मंगलवार 13 नवंबर को उनके बेटे का जन्मदिन था जो अब इस दुनिया में नहीं है , इस मौके पर कालूराम बंसल ने दौसा में गांधी तिराहे पर 51 राहगीरों को मुफ्त हेलमेट वितरित किए। जिसमें कोतवाली पुलिस ने भी सक्रिय सहयोग दिया। इस मौके पर कालूराम ने कहा “अगर मेरा बेटा हेलमेट पहने होता, तो आज जिंदा होता” —
कालूराम ने भावुक होकर कहा,
“मेरे बेटे ने सिर्फ एक गलती की उसने हेलमेट नहीं पहना। काश उसने उस दिन हेलमेट पहना होता, तो शायद आज वह हमारे बीच होता। मैं नहीं चाहता कि किसी और पिता को यह दर्द झेलना पड़े।”
कार्यक्रम में डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस ने मौके पर बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले लोगों को रोका और उन्हें हेलमेट पहनने की शपथ दिलाई।
डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा ने कहा,
“कालूराम बंसीवाल का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा है। अगर हर नागरिक ट्रैफिक नियमों का पालन करे, तो सड़क हादसे काफी हद तक कम हो सकते हैं।”
जानकारी के अनुसार, कालूराम के बेटे विकास बंसीवाल की 7 अप्रैल 2025 को दिल्ली के यमुना पार क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह उस समय बिना हेलमेट बाइक चला रहा था। हादसे के बाद एक सप्ताह तक इलाज चला, लेकिन 14 अप्रैल को विकास ने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना ने कालूराम को भीतर तक झकझोर दिया। तभी से उन्होंने निश्चय किया कि अपने बेटे की याद में वे लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।
संदेश समाज के नाम
कालूराम बंसीवाल की यह पहल केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि समाज को एक सशक्त संदेश है — की “हेलमेट केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है।”