भव्य हनुमान ध्वज यात्रा से गूंजेगा अलवर, आस्था और उत्साह का दिखेगा संगम
हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर अलवर शहर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में 12वीं विशाल हनुमान ध्वज यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो शहरभर में भक्ति, उत्साह और एकता का संदेश फैलाएगी। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
शाम 4 बजे से निकलेगी भव्य ध्वज यात्रा
आयोजकों ने प्रेसवार्ता में बताया ध्वज यात्रा अग्रसेन कॉलोनी स्थित फल-सब्जी मंडी प्रांगण से शाम 4 बजे प्रारंभ होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मोती डूंगरी हनुमान मंदिर पहुंचेगी, जहां समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। इस दौरान पूरे मार्ग को सजाया जाएगा और श्रद्धालु जगह-जगह स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल भक्तों के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित और सफल हो सके।
2100 ध्वजवाहक और आकर्षक झांकियां बनेंगी मुख्य आकर्षण
इस वर्ष ध्वज यात्रा को और भी भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। यात्रा में 2100 ध्वजवाहक शामिल होंगे, जो एक साथ ध्वज लेकर चलेंगे और धार्मिक ऊर्जा का वातावरण बनाएंगे। इसके साथ ही 6 आकर्षक धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें राम दरबार, हनुमान जी और वाल्मीकि आश्रम जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। भक्ति संगीत से सुसज्जित डीजे भी यात्रा के दौरान वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे, जिससे श्रद्धालु पूरे जोश और उत्साह के साथ शामिल हो सकें।
धर्मसभा के साथ होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
ध्वज यात्रा से पूर्व फल-सब्जी मंडी परिसर में एक भव्य धर्मसभा आयोजित की जाएगी। इस धर्मसभा में संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। वे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा करेंगे। धर्मसभा का उद्देश्य लोगों को एकजुट करना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। इसके पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना के साथ ध्वज यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
आयोजन समिति के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना है। बदलते समय में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना एक चुनौती बनता जा रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ एकता और भाईचारे का संदेश भी मजबूत करते हैं।
संत समाज और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
ध्वज यात्रा में संत समाज, महिला श्रद्धालु और विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में भाग लेंगे। यह आयोजन सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करेगा, जहां हर वर्ग और आयु के लोग एक साथ जुड़कर भक्ति में लीन होंगे। आयोजन की तैयारियों में कई सामाजिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक सहयोग मिल रहा है, जिससे यह यात्रा एक ऐतिहासिक आयोजन बनने की ओर अग्रसर है।
प्रेसवार्ता में आर एस एस विभाग संघ चालक डॉक्टर के के गुप्ता , विश्व हिन्दूपरिषद से राम दयाल मीणा , विजेंद्र खंडेलवाल, प्रेम राजावत , प्रेम गुप्ता , सौरभ कालरा आदि मौजूद रहे