अलवर में मानसिक प्रताड़ना से आहत शिक्षक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप…
अलवर जिले के डहलावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक वरिष्ठ अध्यापक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मृतक शिक्षक अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ गए हैं, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक वरिष्ठ अध्यापक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार, मृतक शिक्षक बड़डन राम बलाई (पुत्र भूरेलाल बलाई), निवासी निर्भयपुरा गांव, अकबरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। वे डहलावास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे और आगामी जून माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक वरिष्ठ अध्यापक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पड़ोसी दयाराम ने बताया कि कोरोना काल के दौरान शिक्षक के सिर में क्लॉट जम गया था, जिसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक वरिष्ठ अध्यापक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक के भतीजे सुरेंद्र ने बताया कि शिक्षक ने सेवानिवृत्ति निकट होने के कारण कई बार लिखित में आवेदन देकर अपना कार्यभार अन्य शिक्षक को सौंपने की मांग की थी, लेकिन विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा उनकी बात नहीं सुनी गई। लगातार मानसिक तनाव के चलते वे काफी दिनों से परेशान थे और कुछ दिनों से उन्होंने भोजन भी छोड़ दिया था।
आज शिक्षक ने अकेले में अपने प्लॉट पर जाकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अलवर के जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा।
मृतक शिक्षक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में उन्होंने शिक्षा विभाग में अपनी लगभग 38 वर्षों की सेवा का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया और बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम दिए। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि हाल के समय में उन्हें अनावश्यक रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
घटना के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं। अकबरपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।