अर्पण नहीं, समर्पण से मिलती है भगवान शिव की कृपा – डॉ. शिवम् साधक जी…
अपना घर शालीमार स्थित श्री राम मंदिर में आयोजित शिव कृपा आनंद महोत्सव एवं शिव कथा के पंचम दिवस (13 फरवरी) को कथा वाचक डॉ. शिवम् साधक जी महाराज ने भक्तों को समर्पण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए केवल अर्पण नहीं, बल्कि सच्चा समर्पण आवश्यक है। भगवान वस्तुओं से नहीं, बल्कि भक्त के निष्कपट भाव और समर्पित मन से शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समर्पित करने योग्य कोई वस्तु है तो वह हमारा मन है। जिसने अपना मन भगवान को अर्पित कर दिया, वही जीवन में सच्चा सफल व्यक्ति है। अपने अनुसार सब कुछ चलाने के बजाय यदि हम भगवान की इच्छा में अपनी इच्छा मिला दें, तो जीवन मंगलमय बन सकता है।
शाम 5 से 7 बजे तक दिव्य चंदन दरबार का आयोजन हुआ, जिसमें महाराज जी ने अनेक पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया। रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह उत्सव के अवसर पर लेडीज संगीत का आयोजन हुआ, जिसमें भक्त भावुक हो उठे।
साधक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. मित्तल ने बताया कि ब्रह्मलीन परम पूज्य संत गुरुजी श्री शिवानन्द साधक जी महाराज (डेरा वाले बाबा, श्रीधाम वृंदावन) की असीम कृपा एवं डॉ. शिवम् साधक जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन 8 फरवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक श्री राम मंदिर, अपना घर शालीमार, अलवर में आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक उत्सव मनाए जा रहे हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर 108 विशेष रुद्राभिषेक, ज्योतिर्लिंग पूजन तथा भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी। साथ ही एक कन्या का विवाह भी संपन्न कराया जाएगा।
आज की कथा के यजमान के रूप में मदनलाल गुप्ता, डॉ. एस.सी. मित्तल, अल्का मित्तल, राकेश गोयल, संदीप अग्रवाल, भावना अग्रवाल, राजेश शर्मा, पूजा शर्मा, सुभाष मित्तल, अनिल बंसल एवं गिरीश गुप्ता उपस्थित रहे।