राजसेस महाविद्यालयों की संविदा नियुक्तियों के खिलाफ प्राध्यापकों का विरोध, काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश…
अलवर जिले में राजसेस महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों की वर्तमान चयन प्रक्रिया को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में बुधवार को गौरी देवी राजकीय महिला महाविद्यालय में प्राध्यापकों ने राजसेस महाविद्यालयों की मौजूदा संकल्पना और संचालन व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान प्राध्यापकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर तथा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी लगाकर और मांगों से संबंधित प्ले-कार्ड लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्राध्यापकों का कहना है कि राजसेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे अकादमिक गुणवत्ता और दीर्घकालिक शैक्षणिक स्थिरता प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था न तो शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करती है और न ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम है।
प्राध्यापकों ने सरकार से मांग की कि संविदा नियुक्तियों की वर्तमान चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा राजसेस महाविद्यालयों की संरचना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पुनर्संरचित किया जाए। उन्होंने स्थायी, पारदर्शी और गुणवत्ता-आधारित नियुक्ति व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ही उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है।