अलवर पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो मासूमों से दुष्कर्म के प्रयास मामले में दो दोषियों को 20 और 5 साल की कठोर सजा…
मुंडावर/अलवर:
पॉक्सो कोर्ट नंबर एक, अलवर ने बाल यौन शोषण के एक गंभीर मामले में त्वरित और सख्त फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को कठोर कारावास और भारी अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला 14 जनवरी 2025 को मुंडावर थाना क्षेत्र में 5 और 6 साल की दो अबोध बालिकाओं के साथ हुई छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास से जुड़ा है।
विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि घटना तब हुई जब एक गांव में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। ठेकेदार के अधीन काम करने वाले दो मजदूर— सुरेश उर्फ मिंटो और संतू लाल — ने सड़क के किनारे खेल रही दो छोटी बच्चियों को देखा।
आरोपियों ने बच्चों को टॉफी और कुरकुरे का लालच दिया और उन्हें बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। वे बच्चियों को लगभग 500 मीटर दूर एक सुनसान झोपड़ी में ले गए, जहाँ उन्होंने उनके साथ छेड़छाड़ की और दुष्कर्म का प्रयास किया।
“जब बच्चियों ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया, तो आरोपी डर गए और उन्हें वापस मौके पर छोड़कर फरार हो गए।”
बच्चों ने अगले दिन, 15 जनवरी 2025 को अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद तत्काल मुंडावर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विशिष्ट न्यायाधीश जागेंद्र अग्रवाल की पॉक्सो अदालत नंबर एक में इस मामले की सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उनके माता-पिता और अन्य गवाहों सहित कुल 31 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर, न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई:
आरोपी सुरेश उर्फ मिंटो को 10,000 के जुर्माने के साथ 20 साल का कठोर कारावास और दूसरे आरोपी संतू लाल: ₹5,000 के जुर्माने के साथ 5 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई ।