अलवर: पोक्सो न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई…
अलवर की विशिष्ट पोक्सो न्यायालय संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी कन्हैयालाल उर्फ करण को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को अत्यंत जघन्य मानते हुए कड़ी सजा देने का निर्णय किया।
विशिष्ठ लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि पीड़िता की मां ने सदर थाना पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि 18 मई 2024 को उसकी नाबालिग बेटी घर से बाहर गई थी और वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज हुआ।
मामले की जांच ASI हरलाल के नेतृत्व में शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को बहला–फुसलाकर दिल्ली ले जाकर ट्रेन के जरिए पंजाब पहुंचा दिया। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए पीड़िता को पंजाब से सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में अनुसंधान अधिकारी डॉ. पूनम ने मामले की विस्तृत जांच पूरी की।
जांच में यह तथ्य स्थापित हुआ कि आरोपी कन्हैयालाल उर्फ करण ने नाबालिग को बहकाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। प्रमाण जुटाने के बाद सदर थाना पुलिस ने अपहरण, बहला–फुसलाकर ले जाने तथा दुष्कर्म के आरोपों में आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 17 गवाहों के बयान और 22 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को 50,000 रुपये प्रतिकर दिलवाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के सचिव को अनुशंसा भी भेजी है।