अलवर में ‘नई दिशा’ मेले का आयोजन: महिला स्वावलंबन और गरिमा की सशक्त मिसाल बनी पहल…
अलवर, 20 जनवरी 2026
सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक ने अलवर में आयोजित “नई दिशा” मेले को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, सम्मान और आत्मनिर्भरता की जीवंत कहानी है। उन्होंने कहा कि यह मेला उन महिलाओं की पहचान है, जिन्होंने कठिन हालात से निकलकर आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा दी।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती पाठक ने डॉ. विंदेश्वर पाठक को याद करते हुए कहा कि सुलभ आंदोलन के प्रणेता ने स्वच्छता और सामाजिक गरिमा को जनआंदोलन बनाकर लाखों लोगों की जिंदगी बदली। उनके सपने को आगे बढ़ाते हुए सुलभ ने उन महिलाओं को प्रशिक्षण दिया, जो पहले मैला ढोने जैसे अमानवीय कार्यों से जुड़ी थीं। आज वही महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन सेवाओं और घरेलू उत्पादों के निर्माण के जरिए आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
मेले में प्रदर्शित आचार, पापड़, जूट बैग और हस्तशिल्प उत्पाद महिलाओं की मेहनत और हुनर का प्रतीक बने। श्रीमती पाठक ने उषा चोमर का उदाहरण देते हुए बताया कि नई दिशा कार्यक्रम से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने न सिर्फ आत्मनिर्भरता हासिल की, बल्कि पद्मश्री पुरस्कार तक का सफर तय किया।
कार्यक्रम के तहत महिलाओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले में उत्साह और जीवंतता भर दी। समापन अवसर पर श्रीमती पाठक ने दोहराया कि सुलभ का लक्ष्य हर महिला को गरिमा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है।