अलवर खनन हादसा: पहाड़ दरकने से 50 हजार टन मलबा गिरा, ऑपरेटर खाई में लापता — रेस्क्यू जारी
राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब अचानक पहाड़ का हिस्सा दरककर गिर पड़ा। भारी मलबे में पोकलेन मशीन और उसका ऑपरेटर दब गए। गहरी पानी भरी खाई और विशाल मलबे के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जबकि अवैध खनन की आशंका ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
खनन क्षेत्र में बड़ा हादसा — कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे रामगढ़ उपखंड के ओडेला खनन क्षेत्र में अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज धमाके जैसी आवाज आई और देखते ही देखते भारी मलबा मशीन पर आ गिरा। हादसे के समय पोकलेन मशीन चला रहा ऑपरेटर रामानंद तिवारी (बिहार निवासी) खाई में गिर गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें — पानी और मलबा बड़ी बाधा
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा और खाई की गहराई के कारण रात में राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। शनिवार सुबह NDRF और SDRF की टीमों ने गोताखोरों के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। भारी मलबा, पानी की गहराई और अस्थिर चट्टानें बचाव कार्य को जटिल बना रही हैं।
अवैध खनन की आशंका — जांच के बाद होगा खुलासा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जिस लीज क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां आधिकारिक रूप से खनन बंद था, लेकिन कथित तौर पर रात में अवैध खुदाई जारी थी। प्रशासन ने खनन विभाग को जांच के लिए बुलाया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गतिविधियां नियमों के तहत थीं या नहीं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया — जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
रामगढ़ प्रशासन के अनुसार SDRF की मदद से लगातार सर्च अभियान चल रहा है। खनन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यदि लापरवाही या अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
खनन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों और भूवैज्ञानिक जांच के की गई खुदाई ऐसे हादसों का कारण बन सकती है। अवैध खनन की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी नियंत्रण की कमी से जोखिम बना रहता है।