अलवर में गोल्ड लोन घोटाले का पर्दाफाश, कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा….
राजस्थान के अलवर जिले में गोल्ड लोन के नाम पर की गई लाखों रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से जुड़े गोल्ड लोन घोटाले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अहम खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत सोने के आभूषणों में हेराफेरी कर फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत कराए और कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
निजी गोल्ड लोन कंपनी से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा मामला अलवर शहर में संचालित एक निजी गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी की शाखा से जुड़ा हुआ है। 9 दिसंबर को कंपनी प्रबंधन द्वारा कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें गोल्ड लोन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पहचान हुई उजागर
कोतवाली थाना पुलिस ने जांच के बाद देव प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी आपस में मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
असली सोने की जगह नकली आभूषण रखे
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए असली सोने के आभूषणों की जगह नकली या कम शुद्धता वाले आभूषण रख दिए। इसके बाद फर्जी मूल्यांकन के आधार पर गोल्ड लोन स्वीकृत करवा लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के नियमों और सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया गया।
दस्तावेज, सीसीटीवी और बैंक रिकॉर्ड बने सबूत
मामले की जांच कर रहे एएसआई विजेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और बैंकिंग लेनदेन का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होती गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
लाखों रुपये के लेनदेन की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर आर्थिक लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह धोखाधड़ी कब से चल रही थी और इससे कंपनी को कुल कितना नुकसान हुआ। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कोर्ट में पेश, पुलिस रिमांड की तैयारी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से पुलिस रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस का सख्त संदेश, आर्थिक अपराधों पर जीरो टॉलरेंस
कोतवाली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और जनता के भरोसे से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।