अलवर में साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा: कॉलेज छात्रा की सोशल मीडिया ID हैक कर ब्लैकमेलिंग, गिरोह द्वारा हजारों रुपये वसूले
राजस्थान के अलवर शहर में साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कॉलेज छात्रा को सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर ब्लैकमेल किया गया। अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने छात्रा से हजारों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस जांच में पता चला है कि यह काम एक संगठित गिरोह करता है, जो लड़कियों को निशाना बनाकर पैसों की वसूली करता है।
दोस्ती के नाम पर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की साजिश
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी दिव्यांशु जोशी, जो पीड़िता के रिश्तेदारों के परिचितों में से एक था, वर्ष 2022 में उससे संपर्क में आया। सामान्य परिचय के बहाने उसने मोबाइल नंबर हासिल किया और इसके बाद लगातार फोन कर दोस्ती का दबाव बनाने लगा। छात्रा द्वारा मना करने पर वह और आक्रामक होता गया।
2024 में सोशल मीडिया ID हैक, अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी
शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2024 में आरोपी ने छात्रा की सोशल मीडिया ID हैक कर ली। इसके बाद उसने फोन कर दावा किया कि उसके पास छात्रा के निजी फोटो और वीडियो मौजूद हैं। दिव्यांशु ने धमकी दी कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो वह सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
डर के कारण पीड़िता मानसिक दबाव में आ गई और आरोपी की शर्तों के आगे झुक गई।
5 हजार से शुरू हुई वसूली बढ़कर 50 हजार तक पहुंची
आरोपी ने पहले कंपनी बाग में बुलाकर 5,000 रुपये की मांग की। धमकी से घबराकर पीड़िता ने उसे पैसे दे दिए। लेकिन ब्लैकमेलिंग यहीं नहीं रुकी—दिव्यांशु लगातार पैसों की मांग करता रहा और छात्रा डर के कारण हर बार पैसे देती रही।
हाल ही में आरोपी ने 50,000 रुपये की बड़ी रकम मांगी। भयभीत पीड़िता ने घर में रखे अपने पिता के 50,000 रुपये भी चुपचाप आरोपी को दे दिए। घर से पैसे गायब होने पर पिता ने पूछताछ की और तब छात्रा ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
ब्लैकमेलिंग का गैंग सक्रिय, कई युवक शामिल
छात्रा ने पुलिस को बताया कि यह काम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक पूरे गिरोह द्वारा किया जा रहा है। मुख्य आरोपी दिव्यांशु जोशी के साथ कई अन्य युवक शामिल हैं—
- हिमांशु पुत्र वीरेन्द्र सैन
- हृदेश पुत्र अजय सोनी
- सोयब
- सहवाग
- कार्तिक
ये सभी आरोपी अलग-अलग नंबरों से कॉल कर छात्रा पर दबाव बनाते थे, जिससे वह डरकर पैसे देने को मजबूर हो जाती थी।
पुलिस में मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की लोकेशन, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस साइबर सेल की मदद से सोशल मीडिया अकाउंट की हैकिंग के तकनीकी पहलुओं की तहकीकात कर रही है। शुरुआती जांच में ब्लैकमेलिंग पैटर्न संगठित गिरोह की गतिविधि बताई जा रही है।
साइबर सुरक्षा की कमी और जागरूकता का अभाव
यह पूरा मामला बताता है कि डिजिटल युग में युवा वर्ग साइबर अपराधियों के निशाने पर है।
- कमजोर पासवर्ड
- दो-स्तरीय सुरक्षा का अभाव
- अनजान लिंक और अनुरोध स्वीकार करना
ये सभी वजहें खाते हैक होने का बड़ा कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचने के लिए साइबर जागरूकता और सोशल मीडिया पर सतर्कता बेहद जरूरी है।