अलवर में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की कार्यशाला आयोजित, 100 दिन तक चलेगा जागरूकता अभियान…
अलवर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को प्रताप ऑडिटोरियम में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत भंडारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक अध्यक्ष मोहनलाल सहित बाल अधिकारिता विभाग, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला के दौरान बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मंथन किया गया। जिले में बाल विवाह मुक्त भारत के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत गांव-गांव जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह अक्सर गुपचुप तरीके से किए जाते हैं, इसलिए इसे रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है।
वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि यह नाबालिगों के भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालने वाला दंडनीय अपराध है। अभियान के तहत स्कूलों में संवाद कार्यक्रम, ग्रामीण क्षेत्रों में जनसभाएं और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही, बाल विवाह से प्रभावित नाबालिगों को कानूनी सहायता, परामर्श, पुनर्वास और सुरक्षा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों ने समन्वित प्रयासों के साथ अलवर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।