अलवर के नौगावां आलमपुर के ग्रामीणों को अवैध रूप से पहाड़ों में ब्लास्टिंग करने वाले ही धमकाने पहुंच गए…
कलेक्टर से शिकायत के अगले ही दिन गांव में बढ़ा तनाव
अलवर जिले के नौगांव क्षेत्र के आलमपुर गांव में अवैध खनन और ब्लास्टिंग को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए। जिला कलेक्टर से शिकायत करने के एक दिन बाद ही खनन से जुड़े लोग गांव पहुंचकर ग्रामीणों को धमकाने लगे, जिससे विवाद की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने की वजह से उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई।
श्मशान के पास युवकों से शुरू हुआ विवाद
ग्रामीण नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के युवक श्मशान घाट के पास क्रिकेट खेल रहे थे, तभी इकबाल सहित कुछ लोग वहां पहुंचे और शिकायत करने को लेकर धमकी देने लगे। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई और माहौल बिगड़ने लगा।
स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
2012 से चल रहा अवैध खनन: ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि आलमपुर क्षेत्र में वर्ष 2012 से अवैध खनन चल रहा है। लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण गांव के कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं और कुछ घर जर्जर हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार तेज धमाकों से कंपन होता है, सांस लेने में परेशानी होती है और प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्लास्टिंग अधिकतर दोपहर के समय की जाती है, जिससे लोग भय के साए में जी रहे हैं।
आबादी से मात्र 500 मीटर दूर हो रही ब्लास्टिंग
ग्रामीणों ने बताया कि खनन और ब्लास्टिंग की गतिविधियां गांव से महज 500 मीटर की दूरी पर हो रही हैं, जिससे कभी भी बड़ी जनहानि की आशंका बनी हुई है।
इसी कारण ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
प्रशासन ने किया मौके पर निरीक्षण
विवाद की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने खनन करने वालों के दस्तावेजों और लीज से जुड़े कागजातों की जांच की।
इसके बाद दोनों पक्षों को तहसील कार्यालय में बुलाकर मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया गया।
नक्शे में हेरफेर का गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आबादी क्षेत्र के खसरा नंबर 77 को गलत तरीके से 92 दर्शाया गया है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
उनका कहना है कि कुछ अधिकारियों ने अवैध खननकर्ताओं से मिलीभगत कर नक्शे में हेरफेर किया है, जिससे खनन को संरक्षण मिल रहा है।
ग्रामीणों ने मांगी सुरक्षा और सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध खनन व ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि गांव की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।