अलवर में 329 सफाईकर्मियों की नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन, वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के घर किया घेराव
सफाईकर्मी पहले भी कई बार नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े पदाधिकारी नरेश लोहारा ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाल्मीकि समाज के सम्मान में उनके पैर धोते हैं और सफाईकर्मियों को कोरोना वॉरियर कहा जाता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत बेहद पीड़ादायक है। चयनित होने के बावजूद सैकड़ों सफाईकर्मी बेरोजगारी और गरीबी का सामना कर रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी मुश्किल हो गया है। कई महिलाओं को एक समय का भोजन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और वे कच्ची मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी वर्षों से नियुक्ति पत्र न मिलना सरासर अन्याय है।
सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।