स्क्रिप्टेड कैंपेन” का आरोप: राघव चड्ढा का AAP पर तीखा पलटवार, वीडियो जारी कर दी सफाई
आम आदमी पार्टी में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर पार्टी के आरोपों का खुलकर जवाब दिया है। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे आरोपों को “स्क्रिप्टेड कैंपेन” बताते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। चड्ढा ने तीन प्रमुख आरोपों का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन्हीं कारणों से उन्हें संसद में बोलने से रोका गया।
“मेरे खिलाफ सुनियोजित अभियान चल रहा है”
Raghav Chadha ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ एक समान भाषा और आरोपों के साथ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इसे महज संयोग नहीं बल्कि एक योजनाबद्ध कोशिश बताया। चड्ढा के अनुसार, अलग-अलग लोगों द्वारा एक जैसे शब्दों में आरोप लगाना इस बात का संकेत है कि यह सब पहले से तय रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वे अब तक चुप थे, लेकिन लगातार हो रहे हमलों के कारण उन्हें सामने आकर अपनी बात रखनी पड़ी।
तीन आरोपों को बताया विवाद की जड़
चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन पर तीन प्रमुख आरोप लगाए हैं, जो इस पूरे विवाद की जड़ हैं। उनका दावा है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्हें संसद में बोलने से रोका गया। हालांकि उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
वॉकआउट विवाद पर दी चुनौती
विपक्ष के वॉकआउट में शामिल न होने के आरोप पर चड्ढा ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पूरी तरह झूठ करार देते हुए कहा कि वे हमेशा विपक्ष के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई एक भी उदाहरण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने संसद में लगे सीसीटीवी कैमरों का हवाला देते हुए कहा कि फुटेज सामने लाकर सच्चाई साबित की जा सकती है। उनके अनुसार, बिना प्रमाण के लगाए गए ऐसे आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।
वीडियो के जरिए दिया कड़ा संदेश
चड्ढा ने अपने वीडियो के थंबनेल पर “घायल हूं इसलिए घातक हूं” लिखकर यह संकेत दिया कि वे अब आक्रामक रुख अपनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी झूठे आरोप को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। इस बयान को पार्टी के अंदर जारी टकराव के बीच एक सख्त राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकता है।