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आलमपुर में अवैध खनन और ब्लास्टिंग से ग्रामीण परेशान, सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…

नौगांवा क्षेत्र में अवैध ब्लास्टिंग को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में अवैध खनन और लगातार हो रही ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को सैकड़ों ग्रामीण अलवर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अवैध ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

आबादी के पास हो रही ब्लास्टिंग से जान-माल को खतरा

ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन देते हुए सरदार सुरजन सिंह ने बताया कि गांव में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। ब्लास्टिंग खसरा नंबर एक में की जा रही है, जबकि गांव की आबादी खसरा नंबर दो में स्थित है। इस वजह से ग्रामीणों की जान-माल पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

खनन लीज के नक्शों में हेरफेर का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नाहरपुर खुर्द के नाम से जारी खनन लीज के नक्शे में अधिकारियों की मिलीभगत से बदलाव किया गया। इसी कारण ब्लास्टिंग का पूरा प्रभाव आलमपुर गांव क्षेत्र में पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।

मकानों में दरारें, सांस लेना हुआ मुश्किल

सरदार सुरजन सिंह ने बताया कि दिन-रात हो रही ब्लास्टिंग से गांव के कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं और कुछ मकान गिरने की कगार पर हैं। हवा में उड़ती धूल से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

अवैध ब्लास्टिंग करने वालों के नाम उजागर

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुमन मति, वेदपाल, विजय, सुरेंद्र, इकबाल सहित कई लोग अवैध रूप से ब्लास्टिंग और खनन कार्य में लिप्त हैं। इन गतिविधियों के कारण पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

आबादी क्षेत्र को गलत दर्शाने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि 77 नंबर आबादी क्षेत्र को गलत तरीके से 92 नंबर दर्शाया गया है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। अधिकारियों पर आरोप है कि अवैध खननकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर नक्शों में फेरबदल किया गया।

अरावली क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद ब्लास्टिंग

नरेंद्र सिंह ने बताया कि नाहरपुर क्षेत्र अरावली पर्वतमाला का हिस्सा है, जहां ब्लास्टिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खनन लीज के नक्शों में बदलाव कर अवैध गतिविधियां जारी हैं। आबादी क्षेत्र मात्र 125 मीटर की दूरी पर होने से भारी प्रदूषण फैल रहा है।

पुलिस पर शिकायतें न सुनने और धमकाने के आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अवैध खनन की शिकायत लेकर नौगांवा थाने जाते हैं, तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है। इतना ही नहीं, खननकर्ताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर जेल भेजने की धमकी तक दी जाती है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और खननकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए।

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