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जब अक्षय खन्ना के लिए लिखा किरदार आमिर खान ले उड़े, ‘तारे ज़मीन पर’ से जुड़ा भावुक किस्सा


बॉलीवुड में कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब एक किरदार किसी और के लिए लिखा जाता है, लेकिन किस्मत उसे किसी और की झोली में डाल देती है। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला किस्सा जुड़ा है अक्षय खन्ना और आमिर खान की सुपरहिट फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ से, जिसने आमिर के करियर को नई दिशा दी।


🔹 अक्षय खन्ना: टैलेंट जिसकी हमेशा चर्चा हुई

विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना ने ‘ताल’, ‘दिल चाहता है’, ‘हमराज’, ‘हंगामा’ और ‘दीवानगी’ जैसी फिल्मों से अपनी खास पहचान बनाई। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और गहरी एक्टिंग के बावजूद उन्हें अक्सर बॉलीवुड का सबसे अंडररेटेड एक्टर कहा गया। हाल ही में आई फिल्म ‘धुरंधर’ में उनकी परफॉर्मेंस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे भीड़ में अलग क्यों नजर आते हैं।


🔹 ‘धुरंधर’ में छाए अक्षय खन्ना

हालांकि ‘धुरंधर’ के हीरो रणवीर सिंह हैं, लेकिन फिल्म रिलीज़ के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अक्षय खन्ना की ही हो रही है। उनके किरदार को लेकर सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री तक तारीफों की बाढ़ आ गई है, जिसके बाद फैंस उनके करियर से जुड़े पुराने किस्सों को जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।


🔹 ‘तारे ज़मीन पर’: जो अक्षय के लिए लिखी गई थी

बहुत कम लोग जानते हैं कि साल 2007 में आई आइकॉनिक फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ का लीड रोल शुरुआत में आमिर खान के लिए नहीं, बल्कि अक्षय खन्ना के लिए लिखा गया था। यह फिल्म आमिर खान के करियर का मील का पत्थर साबित हुई और बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म भी बनी।


🔹 कैसे बदला गया पूरा खेल

एक पुराने इंटरव्यू में अक्षय खन्ना ने इस किस्से को हल्के-फुल्के अंदाज़ में साझा किया था।
उन्होंने बताया कि फिल्म के लेखक अमोल गुप्ते पहले अक्षय से संपर्क करना चाहते थे, लेकिन उन्हें उनका नंबर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आमिर खान से मदद मांगी। आमिर ने कहा कि जब तक वह खुद स्क्रिप्ट नहीं सुन लेते, तब तक वे किसी को रिकमेंड नहीं करेंगे।


🔹 स्क्रिप्ट ने आमिर को कर दिया मजबूर

अमोल गुप्ते ने जब आमिर को कहानी सुनाई, तो आमिर उस स्क्रिप्ट से इतने प्रभावित हो गए कि वे उसे छोड़ ही नहीं पाए।
अक्षय के शब्दों में—
“उन्हें कहानी इतनी पसंद आ गई कि उन्होंने फिल्म खुद ही कर ली।”


🔹 आमिर ने खुद सुनाया सच

बाद में जब अक्षय और आमिर की मुलाकात हुई, तो आमिर ने खुद पूरी बात साफ-साफ बता दी।
आमिर ने कहा—
“मैंने तुम्हारे पास स्क्रिप्ट आने ही नहीं दी, मैंने खुद फिल्म कर ली।”
इस पर अक्षय ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया—
“ठीक है, कोई बात नहीं।”


🔹 आमिर का डायरेक्शन डेब्यू और इतिहास

‘तारे ज़मीन पर’ न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही, बल्कि इसे आलोचकों और दर्शकों से भी जबरदस्त सराहना मिली।
फिल्म को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और यह बच्चों की संवेदनशील दुनिया को दिखाने वाली सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई।


🔹 किस्मत, टैलेंट और सही वक्त

यह किस्सा बताता है कि बॉलीवुड में टैलेंट के साथ टाइमिंग भी उतनी ही अहम होती है।
अगर यह फिल्म अक्षय खन्ना करते, तो शायद उनका करियर अलग दिशा में जाता, लेकिन आमिर खान के हिस्से आकर यह फिल्म सिनेमा के इतिहास में अमर बन गई।

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