AI ने बदली ‘शोले’ की दुनिया: नए दौर के सितारों में ढले जय-वीरू और गब्बर
1975 में रिलीज हुई फिल्म शोले को भले ही पांच दशक से ज्यादा हो चुके हों, लेकिन इसका क्रेज आज भी दर्शकों के बीच कायम है। इसी कड़ी में हाल ही में सोशल मीडिया पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो सामने आया है, जिसमें फिल्म के प्रतिष्ठित किरदारों को आज के दौर के अभिनेताओं के रूप में दिखाया गया है।
यूट्यूब पर वायरल हुआ AI वीडियो
यह वीडियो यूट्यूब चैनल “AI Archie” पर साझा किया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है — “What if Sholay was made today? – Part 2”। इस वीडियो में क्लासिक किरदारों को मॉडर्न एक्टर्स के चेहरे और लुक के साथ प्रस्तुत किया गया है।
- AI वीडियो में कैसी है नई कास्टिंग?
- एआई द्वारा तैयार वीडियो में किरदारों को इस तरह से दिखाया गया है:
- सांभा – प्रतीक गांधी
- कालिया – वरुण शर्मा
- जेलर – राजपाल यादव
- गब्बर सिंह – जयदीप अहलावत
- ठाकुर बलदेव सिंह – मनोज बाजपेयी
- राधा – अदिति राव हैदरी
- बसंती – श्रद्धा कपूर
- वीरू – रणवीर सिंह
- जय – विक्की कौशल
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।
कुछ यूजर्स ने नई कास्टिंग को दिलचस्प और रचनात्मक बताया, वहीं कई दर्शकों ने कहा कि शोले जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म की तुलना किसी और कास्ट से नहीं की जा सकती और मूल कलाकारों की जगह कोई नहीं ले सकता।
- 1975 की ‘शोले’ में कौन थे मूल कलाकार?
- फिल्म शोले में मूल रूप से ये कलाकार नजर आए थे:
- ठाकुर बलदेव सिंह – संजीव कुमार
- गब्बर सिंह – अमजद खान
- जय – अमिताभ बच्चन
- वीरू – धर्मेंद्र
- बसंती – हेमा मालिनी
- राधा – जया बच्चन
- सांभा – मैक मोहन
- कालिया – विजू खोटे
- जेलर – असरानी
बॉक्स ऑफिस पर औसत शुरुआत, बाद में बनी कल्ट क्लासिक
निर्देशक रमेश सिप्पी की यह फिल्म रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। हालांकि, समय के साथ दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई। दोबारा रिलीज होने पर फिल्म ने लाइफटाइम कलेक्शन में करीब 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा छुआ और भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई।
कहानी, डायलॉग और गानों ने बनाया यादगार
रामगढ़ गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म की कहानी ठाकुर बलदेव सिंह द्वारा कुख्यात डाकू गब्बर सिंह से बदला लेने के इर्द-गिर्द घूमती है। जय और वीरू उसके इस मिशन में साथ देते हैं।
फिल्म के मशहूर गानों — ‘ये दोस्ती’, ‘महबूबा महबूबा’, ‘होली के दिन’ और ‘हां जब तक है जान’ — ने भी इसे अमर बना दिया।
‘शोले’ के 50 साल पर क्या बोलीं हेमा मालिनी?
फिल्म की 50वीं वर्षगांठ पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें इस बात की खुशी है कि दशकों बाद भी लोग ‘शोले’ को उतने ही प्यार से याद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में इस तरह की फिल्म बनाना बेहद मुश्किल है।
AI टेक्नोलॉजी के जरिए भले ही दर्शकों को ‘शोले अगर आज बनती तो कैसी दिखती’ की झलक मिल रही हो, लेकिन फिल्म की असली पहचान उसके मूल कलाकारों, संवादों और कहानी से ही बनी हुई है। नई पीढ़ी के लिए यह वीडियो एक क्रिएटिव प्रयोग है, जबकि पुराने दर्शकों के लिए ‘शोले’ आज भी अपनी मूल शक्ल में ही कल्ट क्लासिक बनी हुई है।