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AI ने मंच पर रचा कमाल: सोनू निगम ने मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ के साथ किया लाइव डुएट, कश्मीर में दर्शक भावुक…..

डल झील के किनारे हुआ ऐतिहासिक कॉन्सर्ट

कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्वोकेशन कॉम्प्लेक्स में हुए इस अनोखे कॉन्सर्ट ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डल झील और ज़बरवान पहाड़ों की खूबसूरत पृष्ठभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम, पहलगाम हमले के बाद इस क्षेत्र में हुआ पहला बड़ा सांस्कृतिक आयोजन था। इस मंच पर परंपरा और आधुनिक तकनीक का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसकी ऑनलाइन भी खूब चर्चा हुई।

AI के जरिए रफ़ी साहब की आवाज़ की जुगलबंदी

कॉन्सर्ट की सबसे बड़ी आकर्षण वह घड़ी थी जब सोनू निगम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ को फिर से जीवंत किया और उनके साथ लाइव जुगलबंदी की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो क्लिप में दर्शकों को यह मेल पुरानी यादों और तकनीक की नई ऊंचाइयों का बेहतरीन मिश्रण लगता दिखा।

दर्शकों की प्रतिक्रिया: “यह दिव्य अनुभव था”

ऑडियंस ने इस प्रदर्शन को “ऐतिहासिक”, “लेज़ेंडरी” और “भावनाओं से भरा” बताया।
एक दर्शक ने लिखा—
“आज सोनू निगम ने जो किया वह हमें मोहम्मद रफ़ी की ईश्वरीय उपस्थिति का अहसास कराता है।”
दूसरे ने कहा—
“लाइव यह जुगलबंदी देखना एक अलग ही स्तर का अनुभव था। हम सच में धन्य हैं।”

सोशल मीडिया पर चर्चा: जब तकनीक ने छुआ भावनाओं को

ऑनलाइन कमेंट्स में लोगों ने माना कि यह वह पल था जब टेक्नोलॉजी भी भावनाओं का हिस्सा बन गई।
कई यूज़र्स ने लिखा कि AI का यह उपयोग उन दुर्लभ मौकों में से है जब तकनीक इंसानी यादों और एहसासों को गहराई से जोड़ देती है।

सोनू निगम ने समझाया—AI दोस्त है, मालिक नहीं

इवेंट के बाद द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सोनू निगम ने कहा कि AI संगीत में सहायक की भूमिका निभा सकता है, लेकिन यह कभी भी इंसान की आत्मा और भावनाओं की जगह नहीं ले सकता।
उन्होंने कहा—

“AI को असिस्टेंट की तरह देखें, बॉस की तरह नहीं। यह मदद कर सकता है, लेकिन संगीत की असली रूह इंसान ही देता है।”

यह बयान संगीत और कला में तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चल रही बहसों के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण पेश करता है।

कश्मीर के लिए सकारात्मक संकेत

पहलगाम हमले के बाद यह कार्यक्रम केवल संगीत का उत्सव ही नहीं था, बल्कि कश्मीर में लौटती शांति और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रतीक भी बना।
स्थानीय आयोजकों ने बताया कि इस इवेंट ने कलाकारों और दर्शकों दोनों को एक नया आत्मविश्वास दिया है।

म्यूज़िक इंडस्ट्री का बदलता चेहरा

AI के उपयोग ने संगीत निर्माण, रीमिक्सिंग और दिग्गज गायकों की आवाज़ों को फिर से जीवंत करने की क्षमता बढ़ा दी है।
सोनू निगम का यह प्रयोग भविष्य की दिशा की ओर इशारा करता है—
जहाँ तकनीक कला को खत्म नहीं करती, बल्कि कलाकार की रचनात्मकता को और विस्तार देती है।

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