अहमदाबाद एयर इंडिया हादसा: तकनीकी खराबी से इनकार, फ्यूल कट-ऑफ की आशंका ने बढ़ाए सवाल…
जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती अटकलों में जहां तकनीकी खराबी को संभावित कारण माना जा रहा था, वहीं अब सामने आई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दुर्घटना के पीछे तकनीकी विफलता नहीं थी। हालांकि भारतीय जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, इसलिए निष्कर्षों पर पहुंचना जल्दबाजी होगा।
फ्यूल सप्लाई बंद होने की आशंका
इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के इंजन तक ईंधन की आपूर्ति कथित रूप से बंद हो गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया हो सकता है। बताया गया है कि यह जानकारी नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई चर्चा के आधार पर सामने आई है। हालांकि इस दावे की अभी तक भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) या नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
260 लोगों की दर्दनाक मौत
12 जून 2025 को एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन पर जा गिरा। इस भीषण हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई, जबकि केवल एक यात्री जीवित बच पाया था। यह दुर्घटना देश के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी विमान त्रासदियों में से एक मानी जा रही है।
जुलाई 2025 में AAIB द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की बातचीत का उल्लेख किया गया था। रिकॉर्डिंग के अनुसार, हादसे से ठीक पहले एक पायलट दूसरे से पूछता है कि “तुमने फ्यूल कट-ऑफ क्यों किया?” इस पर दूसरा पायलट आश्चर्य जताते हुए कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया। इस संवाद ने जांच को नई दिशा दी और यह संकेत मिला कि संभवतः किसी भ्रम या मानवीय त्रुटि के कारण इंजन बंद हुआ।
पायलटों पर उठे सवाल, लेकिन जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं
विमान के कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंडर उड़ान का संचालन कर रहे थे। नई रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि फ्यूल सप्लाई बंद होने के पीछे कॉकपिट में हुई किसी कार्रवाई की भूमिका हो सकती है। हादसे के बाद यह भी चर्चा में आया था कि मुख्य पायलट मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, लेकिन पायलट संघ और परिवार ने इन दावों का खंडन किया था।
फिलहाल, दुर्घटना की अंतिम जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। DGCA और AAIB की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही आधिकारिक तौर पर कारण स्पष्ट हो सकेगा।