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अफगान-पाक सीमा पर युद्ध जैसे हालात: तालिबान का आत्मघाती दस्ता तैयार, पाकिस्तान ने छेड़ी ‘खुली जंग’


अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। सीमा पर हमलों, हवाई कार्रवाई और जवाबी ऑपरेशनों के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बड़े नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पाकिस्तान ने इसे “खुली जंग” करार दिया है, जबकि तालिबान ने आत्मघाती हमलावरों की विशेष टुकड़ी तैयार करने का दावा किया है।


⚔️ सीमा पर भड़का संघर्ष

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर हालिया झड़पों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। पाकिस्तानी सेना का आरोप है कि अफगान तालिबान की चौकियों से सीमा पार हमले किए गए, जिसके जवाब में सैन्य कार्रवाई शुरू की गई। सीमा के कई संवेदनशील इलाकों में गोलाबारी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

यह संघर्ष केवल सीमा विवाद नहीं बल्कि सुरक्षा और उग्रवाद से जुड़ा गहरा रणनीतिक टकराव बन चुका है।


✈️ पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई

पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के अनुसार, वायुसेना ने अफगानिस्तान के अंदर संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। कंधार और अन्य क्षेत्रों के ऊपर लड़ाकू विमानों की गश्त और हवाई हमलों की बात कही गई है। इस्लामाबाद ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह किसी भी हमले का सैन्य जवाब देगा।

सीमा पार एयरस्ट्राइक का इस्तेमाल यह दिखाता है कि पाकिस्तान अब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रणनीति अपना रहा है।


💣 तालिबान का ‘आत्मघाती दस्ता’ तैयार

अफगान मीडिया से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया कि तालिबान ने आत्मघाती हमलावरों की एक विशेष यूनिट तैयार की है। बताया गया कि यह दस्ता विस्फोटक जैकेट और कार बम से लैस है और सीमा क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। तालिबान प्रवक्ताओं ने डूरंड लाइन के कई सेक्टरों में हमले जारी रहने की बात कही।

अगर आत्मघाती हमलों का इस्तेमाल होता है तो संघर्ष पारंपरिक सैन्य लड़ाई से हटकर असममित युद्ध (Asymmetric Warfare) में बदल सकता है।


🔥 दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

पाकिस्तान ने दावा किया कि बड़ी संख्या में तालिबान लड़ाके मारे गए और कई चौकियां नष्ट कर दी गईं। वहीं तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचाने और चौकियों पर कब्जे का दावा किया है। स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

युद्ध जैसी स्थितियों में सूचना युद्ध (Information Warfare) भी चलता है, जहां दोनों पक्ष मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने की कोशिश करते हैं।


🗣️ ‘खुली जंग’ का ऐलान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने बयान दिया कि अब धैर्य की सीमा खत्म हो चुकी है और दोनों देशों के बीच खुला सैन्य संघर्ष शुरू हो गया है। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

आधिकारिक स्तर पर “ओपन वॉर” शब्द का इस्तेमाल कूटनीतिक रिश्तों के टूटने की दिशा में बड़ा संकेत माना जाता है।


🌍 2600 किमी सीमा बना वैश्विक चिंता का केंद्र

करीब 2,600 किलोमीटर लंबी अफगान-पाक सीमा लंबे समय से विवाद का कारण रही है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान जमीन से सक्रिय आतंकी संगठन उसके भीतर हमले करते हैं, जबकि तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है।

यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर मध्य एशिया, चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर और दक्षिण एशियाई सुरक्षा संतुलन पर भी पड़ सकता है।


📊 बड़ा सवाल: क्या क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत?

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सैन्य कार्रवाई, आत्मघाती दस्ते की तैयारी और राजनीतिक बयानबाज़ी इस संकट को सीमित संघर्ष से व्यापक क्षेत्रीय टकराव में बदल सकती है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें दोनों देशों पर टिकी हुई हैं।

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