IND vs NZ 4th T20I: अभिषेक शर्मा को ओपनिंग में स्ट्राइक दिलाने का प्रयोग फ्लॉप, गंभीर–सूर्या की रणनीति पर उठे सवाल
भारत और न्यूजीलैंड के बीच विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया को 50 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। 216 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 165 रन पर ही सिमट गई। इस हार में खराब बल्लेबाज़ी के साथ-साथ ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर किया गया प्रयोग भी चर्चा का विषय बन गया।
ओपनिंग में बदली रणनीति
इस सीरीज़ के पहले तीन मैचों में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने बतौर ओपनर पारी की शुरुआत की थी, लेकिन हर बार पहली गेंद संजू सैमसन ने खेली थी और अभिषेक नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रहे थे।
चौथे टी20 में कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने रणनीति बदली।
इस बार अभिषेक शर्मा को स्ट्राइक पर भेजा गया, जबकि संजू सैमसन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े रहे।
पहली ही गेंद पर प्रयोग हुआ फेल
रणनीति टीम के पक्ष में नहीं गई।
अभिषेक शर्मा ने अपने आक्रामक अंदाज़ में पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे बाउंड्री पर खड़े डेवोन कॉनवे के हाथों में चली गई।
अभिषेक शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए, जिससे भारतीय पारी की शुरुआत बेहद खराब रही।
ईशान किशन की गैरमौजूदगी में अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज़ सस्ते में आउट हो गए और टीम दबाव में आ गई।
मिडिल ऑर्डर फिर लड़खड़ाया
ओपनिंग झटके के बाद भारतीय बल्लेबाज़ी संभल नहीं सकी। लगातार विकेट गिरने से रन रेट का दबाव बढ़ता गया और टीम लक्ष्य से दूर होती चली गई।
शिवम दुबे की विस्फोटक पारी, लेकिन बेकार गई
इस निराशाजनक प्रदर्शन के बीच शिवम दुबे भारत के लिए सबसे बड़ा पॉज़िटिव रहे।
जब टीम मुश्किल में थी, तब दुबे ने महज़ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।
उन्होंने 23 गेंदों में 65 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें कई लंबे छक्के शामिल थे।
यह टी20I में भारत के लिए
- युवराज सिंह (12 गेंद)
- अभिषेक शर्मा (14 गेंद)
के बाद तीसरा सबसे तेज़ अर्धशतक रहा।
हालांकि, दूसरे छोर से सहयोग न मिलने और रन-आउट होने के कारण दुबे की यह शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।
प्रयोग पर उठे सवाल
मैच के बाद यह साफ दिखा कि ओपनिंग में किया गया प्रयोग उल्टा पड़ गया। अभिषेक शर्मा को पहली गेंद खेलने का फैसला टीम को शुरुआती झटका दे गया, जिससे पूरी बल्लेबाज़ी लाइन-अप दबाव में आ गई।
टी20 क्रिकेट में प्रयोग ज़रूरी हैं, लेकिन बड़े लक्ष्य के दबाव में किए गए छोटे बदलाव भी मैच की दिशा बदल सकते हैं। इस मुकाबले में गंभीर और सूर्या का यह प्रयोग टीम इंडिया के लिए महंगा साबित हुआ।