Imran Khan Row: बेटों के गंभीर आरोपों पर पाकिस्तान सरकार का पलटवार, कहा– ‘मिलने पर कोई रोक नहीं’
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक बार फिर सियासी और अंतरराष्ट्रीय हलचल तेज हो गई है। जेल में बंद खान के बेटों ने पिता की सुरक्षा और हालात पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिस पर अब पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक जवाब देते हुए कहा है कि यदि उनके बेटे देश आते हैं तो पिता से मुलाकात पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
⚖️ अडियाला जेल में बंद इमरान खान
अप्रैल 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से इमरान खान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए। अगस्त 2023 से वे रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। हाल के दिनों में आरोप लगे कि जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकातों पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिए हैं।
🗣️ पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक बयान
गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी का जवाब
गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा,
“इमरान खान के बेटों सुलेमान खान और कासिम खान को अपने पिता से मिलने से कोई नहीं रोक रहा है।”
उन्होंने कहा कि अगर दोनों बेटे पाकिस्तान आने के लिए वीजा आवेदन करते हैं, तो सरकार उन्हें वीजा देगी और जेल में मुलाकात की अनुमति भी मिलेगी।
🌍 लंदन में रहते हैं इमरान के बेटे
सुलेमान खान और कासिम खान फिलहाल लंदन में रहते हैं। वे इमरान खान और उनकी पहली पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ के बेटे हैं। जेमिमा ब्रिटेन की जानी-मानी टीवी पर्सनैलिटी रही हैं।
🚨 बेटों ने क्या आरोप लगाए?
इस हफ्ते की शुरुआत में स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में दोनों भाइयों ने कहा था कि
- उन्हें डर है कि वे अपने पिता को फिर कभी नहीं देख पाएंगे
- कई महीनों से न कोई मुलाकात हुई है, न बातचीत
- वे इमरान खान की सुरक्षा और सेहत को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं
🔒 एकांत कारावास का दावा
इमरान खान के बेटों ने दावा किया कि उनके पिता को दिन में करीब 23 घंटे एकांत कारावास में रखा जा रहा है। उन्होंने इसे
“यातना की स्पष्ट रणनीति”
बताया।
❌ सरकार ने आरोप खारिज किए
तलाल चौधरी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि
- इमरान खान को एकांत कारावास में नहीं रखा गया है
- मुलाकातों पर कोई स्थायी या गैरकानूनी रोक नहीं है
- कुछ लोग जेल मुलाकातों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर रहे थे
🏛️ राजनीतिक तनाव के बीच बयान
सरकार का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पीटीआई और इमरान खान के परिवार ने जेल में उनके हालात को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष इसे मानवाधिकार का मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार इसे “दुष्प्रचार” करार दे रही है।
राजनीति, परिवार और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इमरान खान के बेटों के बयान ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया है। एक तरफ सरकार कानूनी प्रक्रिया की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिवार और पीटीआई इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ विदेश नीति पर भी असर डाल सकता है।