राजस्थान नगर निगम चुनाव 2025: उच्च न्यायालय का फैसला बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार..
जयपुर: राजस्थान में आगामी नगर निगम चुनाव 2025 को लेकर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती देने से इंकार कर दिया है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने चुनाव को स्थगित रखने वाली याचिकाओं को खारिज किया था, और अब देश का सर्वोच्च न्यायालय भी इसमें दखल नहीं देगा। यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में निर्णायक साबित होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने नहीं किया हस्तक्षेप
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राजस्थान नगर निगम चुनाव के संबंध में जीएसटी, आरटीपीसी इत्यादि याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले में कोई गंभीर त्रुटि नहीं है, इसलिए इस मामले में इसे उलटने का कोई आधार नहीं मिलता। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से साफ इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट के फैसले का समर्थन
राजस्थान उच्च न्यायालय ने इससे पहले याचिकाओं पर कहा था कि चुनाव संबंधी याचिकाओं को स्थगित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे चुनावी प्रक्रिया में विलंब होगा और वह संविधान में निर्धारित समय राष्ट्रीय एवं स्थानीय निकायों के गठन के नियमों के अनुरूप नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या का समर्थन करते हुए इसे कानूनी रूप से मान्य माना।
चुनाव आयोग की स्थिति मजबूत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजस्थान चुनाव आयोग की स्थिति और मजबूत हो गई है। चुनाव आयोग ने पहले ही विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में चुनावों को समय पर आयोजित करने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के इनकार से अब आयोग के फैसलों पर किसी तरह की रोक या विवाद का मार्ग नहीं बचा है।
क्या थी याचिकाओं में दलीलें?
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नगर निगम चुनावों में कुछ प्रक्रियात्मक त्रुटियाँ हुई हैं और इन्हें पहले सही किया जाना चाहिए। इनमें मतदाता सूची, आरटीपीसी (राजस्थान स्थानीय निकाय निर्वाचन प्रक्रिया) और अन्य तकनीकी मुद्दों का हवाला दिया गया था। लेकिन हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को कारण व औचित्यहीन माना।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव
राजस्थान में इस निर्णय का राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर बड़ा प्रभाव है। राज्य सरकार, मुख्य विपक्षी दल और युवा राजनीतिक कार्यकर्ता अब नगर निगम चुनावों के लिए अंतिम तैयारियों में जुट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राजनीतिक दलों को रणनीति तय करने में स्पष्टता प्राप्त होगी।
अब आगे की प्रक्रिया
अब चुनाव आयोग चुनाव तिथि के अनुसार आगे का कार्यक्रम जारी करेगा। मतदाता सूची, बूथ लेआउट, प्रत्याशी पंजीकरण और आचार संहिता संबंधित तैयारियाँ पूरी हो रही हैं। प्रशासन ने चुनावी व्यवस्था में लगने वाली पुलिस सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारी में भी तेजी ला दी है।