बाड़मेर में MD ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश, खेत में छिपकर चल रहा था करोड़ों का नशे का कारोबार…
राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। जिले से महज 30 किलोमीटर दूर एक खेत में बने मकान में चल रही अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर पुलिस ने करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ और केमिकल जब्त किए हैं। इस कार्रवाई ने पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय ड्रग नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
खेत में चल रही थी MD ड्रग फैक्ट्री, पुलिस ने मारा छापा
बाड़मेर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्रामीण इलाके में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के सत्यापन के बाद डीएसटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने खेत में बने एक नवनिर्मित मकान पर दबिश दी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस मकान के भीतर एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग बनाने का पूरा सेटअप सक्रिय पाया गया।
ग्रामीण इलाके को बनाया गया सुरक्षित ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने जानबूझकर सुनसान ग्रामीण क्षेत्र को चुना, ताकि किसी को शक न हो। खेत के बीच बने मकान में हाल ही में ड्रग निर्माण की मशीनरी लगाई गई थी। आसपास के लोगों को भी इसकी भनक तक नहीं थी, जिससे यह साफ होता है कि पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
करोड़ों की MD ड्रग, केमिकल और उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग, कच्चा माल, खतरनाक केमिकल और ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त की हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन का नेतृत्व बाड़मेर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने किया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर का गहन निरीक्षण कर सबूत एकत्र किए और आगे की जांच के निर्देश दिए।
अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई की तैयारी का खुलासा
सूत्रों के अनुसार यह फैक्ट्री केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं थी। यहां से एमडी ड्रग अन्य राज्यों में सप्लाई किए जाने की तैयारी चल रही थी। पुलिस को इस मामले में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, फंडिंग और सप्लाई चैन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
मकान मालिक हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने मौके से मकान मालिक भैराराम को हिरासत में लिया है, जबकि इस अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी मोटाराम कड़वासरा फरार हो गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
सप्लाई चेन और फंडिंग की गहन जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में पूरे ड्रग नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। सप्लाई चेन, आर्थिक लेनदेन और सीमा पार कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस फैक्ट्री का खुलासा कर बाड़मेर को नशे का बड़ा केंद्र बनने से रोक दिया गया है।