संसद में विवाद: अमित मालवीय ने टीएमसी सांसद किर्ति आज़ाद पर ई‑सिगरेट उपयोग का आरोप लगाया….
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक तकरार देखने को मिली। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि टीएमसी सांसद किर्ति आज़ाद ने संसद भवन के अंदर ई‑सिगरेट (vape) का उपयोग किया। उन्होंने इस संबंध में वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्पष्टीकरण मांगा।
भाजपा ने साझा किया वीडियो
अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लगभग 30-35 सेकंड का वीडियो साझा किया। वीडियो में दिखाया गया कि किर्ति आज़ाद का हाथ मुंह के पास आता है, जिसे भाजपा ने ई‑सिगरेट उपयोग बताया। भाजपा का कहना है कि यह व्यवहार संसद की मर्यादा और नियमों के खिलाफ है।
पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा
इससे पहले भी भाजपा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को शिकायत दी थी कि कुछ टीएमसी सांसद संसद में ई‑सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि उस समय सांसद का नाम नहीं लिया गया था।
वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल
वीडियो में किर्ति आज़ाद का हाथ मुंह के पास आता दिखता है, लेकिन सीधे ई‑सिगरेट या धुएँ का स्पष्ट दृश्य नहीं है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा का राजनीतिक प्रोपेगैंडा बताया और वीडियो की सटीकता पर सवाल उठाए।
भाजपा का आरोप और प्रतिक्रिया
अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि संसद में नियमों का उल्लंघन अस्वीकार्य है। उन्होंने ममता बनर्जी से अपने सांसद के व्यवहार पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
टीएमसी पर राजनीतिक दबाव
भाजपा के वीडियो पोस्ट करने के बाद टीएमसी पर दबाव बढ़ गया। भाजपा का कहना है कि अगर आरोप सही पाए गए तो यह संसद की मर्यादा और अनुशासन नियमों का उल्लंघन होगा। टीएमसी ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
संसद मर्यादा पर बहस
इस विवाद ने संसद में आचार संहिता और अनुशासन को लेकर बहस को और गर्म कर दिया। भाजपा सांसदों का कहना है कि संसद परिसर में किसी भी प्रकार का धूम्रपान या ई‑सिगरेट का उपयोग अनुचित है।
आगे क्या होगा
अब सबकी निगाह लोकसभा स्पीकर पर है कि वीडियो की सत्यता और स्थिति की औपचारिक जांच कैसे की जाएगी। राजनीतिक दल इस मुद्दे को आगामी चुनावी और संसदीय बहस में भी उपयोग कर सकते हैं।