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नीतीश कुमार का विवादित व्यवहार: हिजाब खींचने की घटना पर सियासी तूफान…

बिहार की सियासत में फिर विवादों के केंद्र में नीतीश कुमार


पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कदम ने देशभर में बहस छेड़ दी है। मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने की कथित घटना के बाद राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे महिला सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्तापक्ष पर सवालों की बौछार हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान हुआ विवादित घटनाक्रम

पटना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मुख्यमंत्री एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के पास खड़े दिखाई देते हैं और इसी दौरान वह महिला का हिजाब खींचते नजर आते हैं। यह दृश्य सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

महिला गरिमा और धार्मिक पहचान पर उठे सवाल

इस घटना को लेकर महिला सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों का कहना है कि किसी भी महिला के पहनावे के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के भी खिलाफ है। खासकर तब, जब यह कृत्य देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया हो।

सपा सांसद इकरा हसन की तीखी प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह घटना शर्मनाक है और एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी गरिमा और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है। इकरा हसन ने यह भी कहा कि जब राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह का व्यवहार करता है, तो महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विपक्ष का हमला, सत्तापक्ष की चुप्पी

घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के व्यवहार का नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की सोच को दर्शाता है। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और ठोस सफाई सामने नहीं आई है, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।

सामाजिक और राजनीतिक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। सार्वजनिक मंचों पर नेताओं का आचरण मिसाल माना जाता है, ऐसे में इस तरह का व्यवहार सामाजिक सौहार्द और विश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही, यह मामला आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।

आगे क्या? बढ़ सकता है विवाद

फिलहाल यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस घटना पर चर्चा जारी है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया और संभावित सफाई पर टिकी है। यदि समय रहते इस मुद्दे पर संवेदनशील और स्पष्ट रुख नहीं अपनाया गया, तो यह मामला और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

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